प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज म्यांमार में आए 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंपों पर चिंता व्यक्त करते हुए दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश और थाईलैंड से संपर्क किया, सहायता का आश्वासन दिया तथा "सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए" प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों को तैयार रहने को कहा है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है।"
स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:50 बजे आए इस भूकंप का असर दूर-दूर तक महसूस किया गया, भारत, चीन, थाईलैंड और बांग्लादेश में कई जगहों पर तेज़ झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र बर्मी शहर सागाइंग से 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
कई वीडियो में लोगों को इमारतों और शॉपिंग मॉल से बाहर भागते हुए देखा जा सकता है, क्योंकि इमारतें हिंसक रूप से हिल रही थीं।
चूंकि भूकंप के झटके 900 किलोमीटर दूर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में महसूस किए गए, इसलिए थाई प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा ने शक्तिशाली भूकंप से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक बैठक के बाद आपातकाल की घोषणा कर दी।