पाकिस्तान में एक बार फिर एक हिंदू मंदिर के साथ तोड़फोड़ की गई। सोमवार को कराच में मंदिर के साथ तोड़फोड़ करने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान मीडिया ने बताया है कि आरोपी शख्स 20 दिसंबर की शाम को कराची के रणछोर लाइन इलाके में एक हिंदू मंदिर में घुस गया और हिंदू देवता जोग माया की मूर्ति को हथौड़े से क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, जनता ने आरोपी को पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया था। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आरोपी के खिलाफ ईशनिंदा से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Attack on Narian Pora Hindu Temple in Karachi. This is 9th attack on Hindu Temple in 22 months despite Supreme Court notices and government claims that they protect Temple — nothing has changed.
— Veengas (@VeengasJ) December 2
It happens when culprits are allowed to walk free. pic.twitter.com/RevrRED2mrस्थानीय एसएसपी सरफराज नवाज ने बताया कि वलीद नाम के शख्स ने नयनपुरा स्थित नारायण मंदिर में एक मूर्ति तोड़ दी। जब वह मंदिर के अंदर ही था, तो लोग जमा हो गए, उसे पकड़कर उसकी पिटाई कर दी और फिर पुलिस को सौंप दिया।
उन्होंने बताया है कि संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। उसके पास से एक हथौड़ा बरामद किया गया है। वलीद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
पाकिस्तानी पत्रकार वीनगास ने अपने ट्वीट कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी नोटिस और सरकार की तरफ से मंदिरों की रक्षा के लिए किए जा रहे दावे के बावजूद कि 22 महीनों में यह हिंदू मंदिर पर यह 9वां हमला है, कुछ भी नहीं बदला है। यह तब होता है जब अपराधियों को मुक्त चलने दिया जाता है। मालूम हो कि इससे पहले भी कट्टरपंथी पाकिस्तान में कई मंदिरों पर हमले कर चुके हैं।Another Hindu temple desecrated in Ranchore line, Karachi Pakistan
Attackers justified vandalism saying “ये इबादत के लायक नहीं है”
“Temple is unworthy of being a
place of worship”
This is state backed terror against minorities of Pakistan @ANI @republic <भारतीय जनता पार्टी के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना का आरोप सरकार पर लगाया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'कराची पाकिस्तान में एक और हिंदू मंदिर को अपवित्र किया गया। हमलावरों ने इस तोड़फोड़ को यह कहते हुए सही ठहराया कि ‘ये इबादत के लायक नहीं है।’ यह पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के खिलाफ सरकार समर्थित आतंकवाद है।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मामले को विश्व स्तर पर उठाने की अपील की है।














