
अजमेर: शहर के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में छह साल पहले अपने पिता की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में शुक्रवार को एससी-एसटी कोर्ट ने आरोपी बेटी रागिनी दुबे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर 30 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि यह दर्दनाक घटना 3 फरवरी 2020 को विज्ञान नगर में हुई थी। अशोक कुमार दुबे अपने घर में ही अपनी छोटी बेटी रागिनी दुबे की लाठी-डंडों और घूसों से की गई बर्बर मार-पीट का शिकार हुए। हत्या के बाद लहूलुहान पिता को रागिनी ने खींचकर घर से बाहर सड़क पर फेंक दिया था।
हत्या के बाद की घटना
घटना के तुरंत बाद रागिनी ने अपनी बड़ी बहन यामिनी दुबे को व्हाट्सएप पर पिता की लहूलुहान तस्वीर भेजी और लिखा कि वह नशे की हालत में सड़क पर बेहोश पड़े हैं। जब यामिनी घर पहुंची, तो पिता मृत अवस्था में सड़क पर पड़े थे और रागिनी घर के भीतर पलंग पर सो रही थी। इसके अगले दिन, 4 फरवरी को यामिनी ने आदर्श नगर थाने में अपनी छोटी बहन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया।
पिता के शरीर पर 19 गंभीर चोटें
विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में इस मामले में 19 गवाह और 45 दस्तावेज पेश किए। एफएसएल रिपोर्ट में आरोपी की पैंट पर पिता के खून के धब्बों की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक अशोक कुमार दुबे के शरीर पर 19 गंभीर चोटों के निशान पाए गए। वारदात स्थल से पुलिस और एफएसएल टीम ने कई अहम साक्ष्य जुटाए। पिता की शर्ट और बेटी की पैंट पर खून के निशान इस बात की पुष्टि करते हैं कि हत्या वारदात स्थल पर ही हुई।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश
पिता की हत्या के बाद रागिनी ने खून के साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास भी किया। उसने घर में बिखरे खून को साफ किया, लेकिन एफएसएल टीम ने दीवारों और फर्श पर खून के धब्बे पाए। यह घटना छह साल पुरानी है, लेकिन लंबी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई।
बड़ी बेटी ने दर्ज करवाई थी FIR
यामिनी दुबे ने आदर्श नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया कि 31 जनवरी 2020 को वह काम के सिलसिले में घर पर नहीं थी। 3 फरवरी को घर में केवल पिता अशोक कुमार और छोटी बहन रागिनी मौजूद थे। यामिनी ने बताया कि रागिनी ने व्हाट्सएप पर पिता की सड़क पर पड़ी लहूलुहान तस्वीर भेजी और कहा कि "मेरा और पापा का झगड़ा हो गया था। मैंने पापा के साथ ज्यादा मार-पीट कर दी, जिससे वह बेहोश हो गए।"
यामिनी ने पुलिस को बताया कि घर के कमरे में खून फैल गया था, जिसे रागिनी ने पानी से धोकर साफ किया और पिता को बाहर सड़क पर फेंक दिया। जब यामिनी घर लौटी, तो पिता सड़क पर लहूलुहान पड़े थे और रागिनी घर के अंदर सो रही थी।














