
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026-27 पेश किया। उन्होंने इसे 'युवा शक्ति संचालित बजट' बताते हुए कहा कि इसमें देश के हर आर्थिक क्षेत्र को समग्र रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। इस बजट की तारीफ पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने की। इंडिया टीवी को दिए गए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बजट के ऐलान अलग-अलग नहीं बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। उनका मानना है कि यह बजट भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब और एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़े ऐलान
स्मृति ईरानी ने कहा कि 2014-15 में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट की क्षमता लगभग 5 बिलियन डॉलर थी, जो अब बढ़कर करीब 35 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। उन्होंने 40 हजार करोड़ रुपये के नए बजट प्रावधान को सेमीकंडक्टर और इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
रेयर अर्थ मिनरल्स का उत्पादन बढ़ेगा
बजट में 'रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर' का भी जिक्र किया गया। स्मृति ईरानी के अनुसार, भारत के पास दुनिया के तीसरे सबसे बड़े रेयर अर्थ मिनरल रिजर्व हैं, लेकिन वैश्विक उत्पादन में देश की हिस्सेदारी केवल 1 प्रतिशत है। अब सरकार न केवल इन मिनरल्स के एक्सपोर्ट पर फोकस कर रही है, बल्कि घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक तेज़ और आसान पहुंच देना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से बजट में Coastal Cargo Promotion जैसी योजनाओं का ऐलान किया गया है। इससे कंपनियों का Turnaround Time घटेगा और देश का लॉजिस्टिक नेटवर्क मजबूत होगा।
बजट में समग्र और होलिस्टिक दृष्टिकोण
स्मृति ईरानी ने कहा कि बजट 2026 में बायोफार्मा मिशन, सेमीकंडक्टर मिशन और रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर जैसी योजनाएं शामिल हैं। ये सभी पहलें मिलकर देश की अर्थव्यवस्था की बड़ी और समग्र तस्वीर (larger holistic picture) बनाती हैं। उनका मानना है कि यह बजट भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।













