कोरोना के इस दौर में किसी भी प्रकार के समारोह और भोज पर पाबंदी हैं ताकि कोरोना के प्रसार का मौका ना मिल सकें। लेकिन लोगों की लापरवाही कोरोना को और बढ़ा रही हैं। पाली में इससे जुड़ा एक मामला सामने आया जहां भाई के मृत्युभोज पर 300 लोग जुटाए गए। हैरानी की बात तो यह हैं कि मौत भी कोरोना से हुई फिर भी लोग जुटे। जैसे ही खबर तहसीलदार तक पहुंची कारवाई की गई और खाना जब्त कर गरीबों में बांट दिया गया एवं 25 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। तहसीलदार की टीम के मौके पर पहुंचते ही हड़कंप मच गया। लोग आस-पास के खेतों में भाग गए। कुछ लोग घरों के कमरों व छतों पर छुप गए। कई लोग भोजन करते नजर आए। घर के बाहर वाहनों की कतारें लगी थीं। रेवेन्यू टीम ने हर जगह की जांच की और लोगों को भगाया। मामला पाली के सोजत रोड के बेरा बाग का है।
सोजत तहसीलदार दीपक सांखला ने बताया कि सरदारसमन्द में लोगों के चालान काट रहे थे। इस दौरान सूचना मिली कि सोजत रोड में मृत्युभोज हो रहा है। फौरन दीपक टीम के साथ सोजत रोड के बेरा बाग पहुंचे। यहां तिलोकचंद (56) पुत्र जसाराम सीरवी की कोरोना से मौत के बाद परिजन मृत्युभोज करा रहे थे। देसी घी में 300 लोगों के लिए हलवा, पूड़ी व अन्य पकवान, सब्जी आदि बनवाई गई थी। भोजन के लिए भारी भीड़ जुटी थी। तलाशी में हलवा, पूड़ी, दाल, सब्जी व नमकीन अलग-अलग कमरों में छुपाया हुआ मिला। पूरा खाना जब्त कर लोडिंग टैक्सी में रखवाया तथा सोजत सिटी स्थित गाड़िया लोहार बस्ती में जरूरतमंदों में वितरित किया। कार्रवाई के दौरान रेवेन्यू टीम के सदस्य कमलेश मीणा, श्याम सिंह,गजेंद्र व अर्जुन सिंह उपस्थितत रहे।














