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बेडशीट से आती है सीलन और पसीने की बदबू? इन आसान तरीकों से करें दूर

बेडशीट से पसीने और सीलन की बदबू आती है तो सफेद सिरके की मदद से इसे कम किया जा सकता है। जानें चादर धोने, सुखाने और वॉशिंग मशीन की सफाई के आसान तरीके।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 09 Aug 2026 8:50:37

बेडशीट से आती है सीलन और पसीने की बदबू? इन आसान तरीकों से करें दूर

बरसात और गर्म मौसम में पसीने की समस्या केवल कपड़ों तक सीमित नहीं रहती। रातभर बिस्तर पर सोने के दौरान शरीर से निकलने वाला पसीना, त्वचा का तेल और धूल-मिट्टी धीरे-धीरे बेडशीट के रेशों में जमा होती रहती है। यही कारण है कि कई बार चादर को अच्छी तरह धोने के बावजूद उसमें पसीने या सीलन जैसी हल्की गंध बनी रहती है। कुछ दिनों के इस्तेमाल के बाद चादर की ताजगी भी कम होने लगती है और कपड़ा पहले की तुलना में थोड़ा भारी या कड़ा महसूस हो सकता है।

अगर आपके घर में भी बेडशीट से इस तरह की गंध आने की समस्या रहती है, तो हर बार महंगे क्लीनिंग प्रोडक्ट या तेज खुशबू वाले फ्रेशनर खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद साधारण सफेद सिरका यानी व्हाइट विनेगर कपड़ों की गंध कम करने में मदद कर सकता है। इसे सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर चादर में जमा पसीने, डिटर्जेंट के अवशेष और दूसरी परतों को ढीला करने में सहायता मिल सकती है।

आखिर बेडशीट में पसीने की बदबू क्यों रह जाती है?

चादर से आने वाली गंध के पीछे केवल पसीना जिम्मेदार नहीं होता। सोते समय शरीर से निकलने वाला प्राकृतिक तेल, पसीने के साथ निकलने वाले पदार्थ, धूल और कपड़े धोने के बाद बच जाने वाला डिटर्जेंट भी इसके कारण हो सकते हैं। कई बार फैब्रिक सॉफ्टनर की परत भी कपड़े के रेशों पर जमा हो जाती है।

समय के साथ इन चीजों की परत रेशों में फंसती जाती है। इससे चादर की बनावट थोड़ी सख्त या भारी लग सकती है और उसमें गंध भी लंबे समय तक बनी रह सकती है। खासतौर पर जब चादर धोने के बाद उसे पूरी तरह सुखाए बिना मोड़कर रख दिया जाए, तो नमी के कारण सीलन जैसी गंध और ज्यादा महसूस हो सकती है।

इसके अलावा, वॉशिंग मशीन में धुलाई पूरी होने के बाद अगर चादर लंबे समय तक गीली पड़ी रहती है, तो उसमें भी अप्रिय गंध विकसित हो सकती है। इसलिए केवल चादर धोना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से सुखाना भी उतना ही जरूरी है।

सफेद सिरका चादर की गंध कम करने में कैसे मदद करता है?

सफेद सिरका हल्के अम्लीय गुण वाला पदार्थ है। यही गुण कपड़े के रेशों में जमा पसीने, डिटर्जेंट और कुछ अन्य अवशेषों को ढीला करने में मदद कर सकता है। इससे कपड़े में फंसी गंध कम हो सकती है और चादर धोने के बाद अपेक्षाकृत साफ और मुलायम महसूस हो सकती है।

इसके लिए सामान्य डिस्टिल्ड व्हाइट विनेगर का इस्तेमाल करना बेहतर है। सेब का सिरका, रेड वाइन विनेगर या किसी तरह का फ्लेवर्ड सिरका कपड़ों पर इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इनमें रंग या अन्य तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो चादर पर दाग छोड़ सकते हैं।

चादर धोते समय इस तरह इस्तेमाल करें व्हाइट विनेगर

सबसे पहले बेडशीट को वॉशिंग मशीन में सामान्य तरीके से डालें। मशीन में चादर को जरूरत से ज्यादा भरने से बचें। अगर ड्रम में बहुत ज्यादा कपड़े ठूंस दिए जाएंगे, तो पानी और डिटर्जेंट चादर के हर हिस्से तक ठीक से नहीं पहुंच पाएगा और धुलाई भी प्रभावी नहीं होगी।

इसके बाद मशीन के फैब्रिक सॉफ्टनर वाले डिस्पेंसर में लगभग एक चौथाई से आधा कप डिस्टिल्ड व्हाइट विनेगर डाला जा सकता है। इससे सिरका अंतिम रिंस के दौरान कपड़े तक पहुंचता है। अगर आपकी वॉशिंग मशीन में अलग से सॉफ्टनर डिस्पेंसर नहीं है, तो मशीन के मैनुअल या निर्माता के निर्देशों के अनुसार रिंस साइकल के दौरान इसका इस्तेमाल करें।

चादर धोते समय हमेशा कपड़े के प्रकार के अनुसार सामान्य डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें। यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि सिरका डिटर्जेंट का विकल्प नहीं है। इसलिए इसे डिटर्जेंट की जगह इस्तेमाल करने के बजाय रिंस के दौरान उपयोग करना ज्यादा उचित है।

क्या हर बार चादर धोते समय सिरका डालना चाहिए?

चादर की हर धुलाई में सिरका डालने की आवश्यकता नहीं है। अगर बेडशीट में पसीने की गंध अधिक रहती है या बार-बार धोने के बावजूद कपड़ा कड़ा और भारी महसूस होता है, तो जरूरत के अनुसार महीने में लगभग एक बार सफेद सिरके का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिरके की मात्रा भी जरूरत से ज्यादा नहीं बढ़ानी चाहिए। बहुत अधिक मात्रा में या बहुत बार सिरका इस्तेमाल करने से लंबे समय में कुछ कपड़ों के रेशों और वॉशिंग मशीन के कुछ हिस्सों पर असर पड़ सकता है। इसलिए बेहतर है कि इसे सीमित मात्रा और जरूरत के हिसाब से ही इस्तेमाल किया जाए।

धुलाई के बाद बेडशीट को तुरंत सुखाना है जरूरी

बेडशीट धोने के बाद उसे वॉशिंग मशीन के अंदर लंबे समय तक गीला पड़ा न रहने दें। बंद मशीन के भीतर नमी बनी रहने से कपड़े में सीलन जैसी गंध पैदा हो सकती है और पूरी धुलाई का फायदा भी कम हो सकता है।

धुलाई पूरी होने के बाद चादर को तुरंत मशीन से बाहर निकालें और अच्छी तरह सुखाएं। अगर आप ड्रायर का इस्तेमाल करते हैं, तो वॉशिंग साइकल पूरा होने के तुरंत बाद चादर को ड्रायर में डाल दें। वहीं, धूप या हवा में सुखाते समय भी यह सुनिश्चित करें कि चादर का हर हिस्सा पूरी तरह सूख जाए।

चादर में जरा भी नमी बाकी हो तो उसे अलमारी या बेड के अंदर रखने से बचें। पूरी तरह सूखने के बाद ही उसे मोड़कर स्टोर करें।

पसीने के दाग पर भी आजमा सकते हैं सिरका

अगर बेडशीट पर पसीने या किसी अन्य वजह से दाग पड़ गया है, तो सफेद सिरके और पानी को बराबर मात्रा में मिलाकर हल्का घोल तैयार किया जा सकता है। इसे सीधे दाग पर लगाने से पहले चादर के किसी ऐसे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें, जो आसानी से दिखाई न देता हो।

अगर कपड़े के रंग और बनावट पर कोई खराब असर नहीं पड़ता, तो घोल को दाग वाली जगह पर थोड़ी देर के लिए लगाया जा सकता है। इसके बाद चादर को सामान्य तरीके से धो लें। हालांकि, बहुत पुराने या जिद्दी दाग केवल सिरके से पूरी तरह साफ नहीं हो सकते। ऐसे मामलों में कपड़े के फैब्रिक और दाग की प्रकृति के अनुसार उचित स्टेन रिमूवर या दूसरी सफाई विधि की जरूरत पड़ सकती है।

बदबूदार बेडशीट की वजह वॉशिंग मशीन भी हो सकती है

कई बार चादर में गंध की वजह खुद बेडशीट नहीं, बल्कि वॉशिंग मशीन की सफाई की कमी होती है। मशीन के रबर गैस्केट, ड्रम, डिटर्जेंट डिस्पेंसर और दूसरे हिस्सों में नमी, साबुन के अवशेष या गंदगी जमा होने पर धुले हुए कपड़ों में भी अप्रिय गंध आ सकती है।

इसलिए समय-समय पर वॉशिंग मशीन की सफाई करना भी जरूरी है। मशीन को साफ करने के लिए हमेशा उसके निर्माता द्वारा दिए गए निर्देशों को प्राथमिकता दें। अगर आपकी मशीन में 'टब क्लीन', 'ड्रम क्लीन' या 'सैनिटाइज' जैसा कोई विशेष मोड दिया गया है, तो मशीन के निर्देशों के मुताबिक उसी का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

सिरका इस्तेमाल करते समय इन सावधानियों को न भूलें

सफेद सिरका कपड़ों की गंध कम करने में उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

सिरके को कभी भी ब्लीच के साथ न मिलाएं। दोनों को मिलाने से खतरनाक गैसें बन सकती हैं।
सिरका ब्लीच वाले डिस्पेंसर या खाने में न डालें, भले ही उस समय वह खाली क्यों न हो।
रेशम जैसे बेहद नाजुक कपड़ों पर सिरका इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे फैब्रिक के रेशों या उसकी चमक पर असर पड़ सकता है।
रंगीन चादरों पर पहली बार सिरका इस्तेमाल करने से पहले किसी छिपे हुए हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर रंग की जांच करें।
सिरके की मात्रा जरूरत से ज्यादा न बढ़ाएं और कपड़े की देखभाल से जुड़े निर्माता के निर्देशों को ध्यान में रखें।
चादर को धोने के बाद पूरी तरह सुखाकर ही अलमारी या स्टोरेज में रखें।

इस तरह, सही धुलाई, पर्याप्त सुखाने और जरूरत के अनुसार सफेद सिरके के इस्तेमाल से बेडशीट में बनी पसीने और सीलन जैसी गंध को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अगर बदबू बार-बार लौटती है, तो केवल चादर की सफाई पर ध्यान देने के बजाय तकिए, गद्दे और वॉशिंग मशीन की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है।

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