न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

IIT दिल्ली में पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर ओवैसी नाराज, छात्रों के ‘सिर झुकाने’ के निर्देश पर उठाए सवाल

IIT दिल्ली में पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने छात्रों को ‘सिर झुकाने’ और वैदिक मंत्रोच्चार के दौरान खड़े होने के कथित निर्देशों पर सवाल उठाए। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 28 और 51A का हवाला दिया।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sun, 09 Aug 2026 8:50:20

IIT दिल्ली में पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर ओवैसी नाराज, छात्रों के ‘सिर झुकाने’ के निर्देश पर उठाए सवाल

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने IIT दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ओवैसी ने दावा किया कि कार्यक्रम से पहले छात्रों को प्रधानमंत्री से मेडल लेते समय सिर एक निश्चित तरीके से झुकाने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा वैदिक मंत्रोच्चार के दौरान छात्रों को खड़े रहने के लिए भी कहा गया था। ओवैसी ने इन कथित निर्देशों की आलोचना करते हुए इन्हें संविधान में सरकारी शिक्षण संस्थानों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जुड़े प्रावधानों के विपरीत बताया है।

ओवैसी के मुताबिक, मीडिया में सामने आई जानकारी से पता चलता है कि छात्रों को यह तक बताया गया था कि प्रधानमंत्री से मेडल ग्रहण करते समय उनकी गर्दन कितने डिग्री तक झुकनी चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर आपत्ति जताई और कहा कि IIT जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी एवं वैज्ञानिक संस्थान में इस तरह के निर्देशों पर गंभीरता से सवाल उठना स्वाभाविक है।

हैदराबाद सांसद ने कहा, "IIT दिल्ली ने सफल छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया था। लेकिन यह कहते हुए मुझे खेद है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों को बताया गया कि प्रधानमंत्री से मुलाकात या मेडल लेते समय उन्हें अपनी गर्दन कितनी झुकानी है। इतना ही नहीं, मीडिया में यह भी बताया गया कि वैदिक मंत्रों के पाठ के दौरान सभी लोगों को खड़ा होना होगा।"

ओवैसी ने संविधान के अनुच्छेद 28 का दिया हवाला

असदुद्दीन ओवैसी ने अपने आरोपों को संविधान के प्रावधानों से जोड़ते हुए कहा कि IIT दिल्ली में बताए गए कथित निर्देश संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने खास तौर पर संविधान के अनुच्छेद 28 का उल्लेख किया।

ओवैसी ने कहा, "अगर आप भारत के संविधान के अनुच्छेद 28 को पढ़ेंगे, तो उसमें साफ तौर पर कहा गया है कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक गतिविधियां आयोजित नहीं की जा सकतीं। ऐसे में, एक तरह से यह उसी संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन है।"

उन्होंने कहा कि IIT दिल्ली देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल है और ऐसे संस्थानों में शिक्षा, विज्ञान तथा तर्कसंगत सोच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि किसी सरकारी शिक्षण संस्थान में धार्मिक गतिविधि को लेकर दिए गए निर्देश पर संवैधानिक दृष्टिकोण से विचार किया जाना जरूरी है।

वैज्ञानिक सोच को लेकर भी ओवैसी ने उठाया सवाल

ओवैसी ने केवल अनुच्छेद 28 का ही हवाला नहीं दिया, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 51A और उसके तहत वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने से संबंधित मौलिक कर्तव्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को वैज्ञानिक सोच और तर्क की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया है।

उन्होंने कहा, "दूसरी बात, भारत के संविधान के अनुच्छेद 51A और (ह) को पढ़िए, जो हम सभी को वैज्ञानिक सोच यानी वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है। ऐसे में यह कहना कि प्रधानमंत्री के सामने आपको अपनी गर्दन कितनी झुकानी चाहिए और वैदिक मंत्रों के पाठ के दौरान आपको खड़ा होना अनिवार्य है, यह भी उस भावना के खिलाफ है।"

ओवैसी ने सवाल उठाया कि एक वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थान के दीक्षांत समारोह में इस तरह के निर्देशों की जरूरत आखिर क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि IIT जैसे संस्थानों में छात्रों को वैज्ञानिक सोच, शोध, नवाचार और तर्क के आधार पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए ओवैसी द्वारा लगाए गए आरोपों और कथित निर्देशों को लेकर सरकार का पक्ष सामने आना बाकी है।

‘सरकार का दखल हद से बढ़े तो असहमति भी राष्ट्रीय हित’: ओवैसी

IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में कथित तौर पर दिए गए निर्देशों को लेकर ओवैसी ने देशभर के छात्रों से भी अपनी बात रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित का मतलब केवल सरकार के फैसलों का समर्थन करना नहीं है, बल्कि जब सरकार की ओर से कोई गलत कदम उठाया जाए तो उसके खिलाफ आवाज उठाना भी देशहित का हिस्सा है।

AIMIM प्रमुख ने कहा, "मैं भारत के सभी छात्र-छात्राओं को यह याद दिलाना चाहता हूं कि राष्ट्रीय हित का अर्थ यह भी है कि जब भी कोई सरकार कोई गलत कदम उठाए, तो उसके खिलाफ आवाज उठाई जाए।"

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि सरकार या किसी सरकारी संस्थान का हस्तक्षेप निर्धारित सीमाओं से आगे बढ़ता है, तो उस पर सवाल उठाना नागरिकों का अधिकार है। ओवैसी ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी मुद्दे पर अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे पीएम मोदी

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों और शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान करीब 587 पीएचडी स्कॉलर्स और 3,000 से अधिक छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

दिल्ली में हुए जेन-जी प्रदर्शन के बाद छात्रों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली बड़ी मौजूदगी भी मानी गई। ऐसे समय में IIT दिल्ली का दीक्षांत समारोह राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी चर्चा में रहा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को उनके भविष्य, देश की प्रगति और नवाचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपनी पसंद और सोच के मुताबिक जीवन में आगे बढ़ें, लेकिन अपनी यात्रा के दौरान उन संस्थानों, शिक्षकों और परिसरों को कभी न भूलें, जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को अपने ज्ञान और क्षमताओं का इस्तेमाल देश की प्रगति के लिए करने की प्रेरणा भी दी। वहीं, अब इसी कार्यक्रम को लेकर असदुद्दीन ओवैसी के सवालों ने राजनीतिक बहस को एक नया मुद्दा दे दिया है। ओवैसी ने जहां कथित ‘सिर झुकाने’ और वैदिक मंत्रोच्चार के दौरान खड़े होने के निर्देशों पर संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है, वहीं इस मामले में सरकार या बीजेपी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत