उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ की भव्यता और सफलता का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी (एसपी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुकी है। डॉ. लोहिया के विचारों की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि सच्चा समाजवादी आचरण और आदर्शों का पालन करता है, लेकिन एसपी इन सिद्धांतों से दूर हो गई है।
सीएम योगी ने कहा कि 45 दिनों तक चले महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिनमें आधी आबादी महिलाएं थीं। इसके बावजूद एक भी अपराध, अपहरण, छेड़खानी या लूटपाट की घटना नहीं हुई। उन्होंने इसे भारत की आस्था, प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की अभूतपूर्व सफलता बताया। उन्होंने कहा कि कुंभ एक ऐसा आयोजन था, जहां अमेरिका की आधी से अधिक आबादी के बराबर लोग पहुंचे और यह बिना किसी समस्या के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
विदेशी मीडिया में भी मिली सराहना
सीएम योगी ने बताया कि महाकुंभ की सफलता को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया। 100 से अधिक देशों के लोगों ने इसमें भाग लिया, और विदेशी मीडिया ने भी इस आयोजन की भव्यता, सुरक्षा और स्वच्छता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर टेक्नोलॉजी और सही प्रबंधन का उपयोग किया जाए, तो बड़े आयोजनों को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सकता है।
समाजवादी पार्टी पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सच्चा समाजवादी धन से दूर रहता है, लेकिन एसपी न केवल आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है, बल्कि अपने मूल विचारों से भी पूरी तरह भटक गई है। उन्होंने कहा कि जब तक राम, कृष्ण और शंकर भारत के आदर्श हैं, तब तक कोई इस देश का कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लेकिन समाजवादी पार्टी की इन पर कोई आस्था नहीं है।
संभल पर भी बोले सीएम योगी
संभल का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 56 साल बाद वहां शिव मंदिर में जलाभिषेक हुआ, जो हमारी आस्था और विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सच कड़वा होता है, लेकिन हमें वही चाहिए जो हमारा है। एसपी को 2027 में करारी हार मिलेगी, क्योंकि उन्होंने हमेशा लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
महाकुंभ – एक मिसाल
महाकुंभ के आयोजन को चमत्कारी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में से एक था, जो बिना किसी परेशानी के संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस आयोजन में शामिल नहीं हो सके और उन्हें साधन नहीं मिल पाए, लेकिन वे अगली बार इसे देखने के लिए जरूर आएंगे। महाकुंभ ने पूरी दुनिया को यह दिखा दिया कि भारत की प्रबंधन क्षमता बेजोड़ है।