
राजस्थान के बीकानेर जिले में शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार ने मात्र 16 साल की सरकारी नौकरी में भ्रष्टाचार के सहारे करोड़ों की संपत्ति जमा कर ली। वहीं, उसके भाई आज भी मजदूरी और कपड़े बेचने जैसे साधारण कामों में जुटे हैं।
वैध आय से 938% अधिक संपत्ति
NDTV राजस्थान के अनुसार जयपुर स्थित ACB मुख्यालय को मिली गोपनीय शिकायत के बाद जांच में खुलासा हुआ कि शुभकरण परिहार ने अपनी वैध आय के मुकाबले 938 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। आरोपी बीकानेर जिले के छोटे गांव पूनरासर का निवासी है। उसका परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि का है, जहां पिता अलग रहते हैं और तीन भाई मजदूरी व कपड़े बेचने का काम कर रहे हैं।
ACB की छापेमारी में मिला खजाना
DG ACB गोविंद गुप्ता के निर्देशन और DIG भुवन भूषण यादव की मॉनिटरिंग में ACB की पांच टीमों ने सर्च ऑपरेशन किया। इस दौरान करीब 76 लाख रुपये नकद, डेढ़ किलो सोना और 3 किलो चांदी बरामद हुई। इसके अलावा, बीकानेर शहर में 3 आलीशान मकान और 2 भूखंड, गांव पूनरासर में 1 मकान और 2 प्लॉट भी सामने आए। करीब 100 बीघा कृषि भूमि का भी खुलासा हुआ। कार्रवाई में स्कॉर्पियो, स्विफ्ट, बोलेरो कैंपर सहित कई वाहन जब्त किए गए और करोड़ों रुपये के लेन-देन के दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
सरकारी नौकरी का सफर
शुभकरण परिहार ने मार्च 2010 में श्री डूंगरगढ़ पंचायत समिति, ग्राम पंचायत पूनरासर में रोजगार सहायक के पद से सरकारी सेवा शुरू की। 2022 में पदोन्नति होकर कनिष्ठ सहायक बने। उन्होंने फलोदी के बाप पंचायत समिति, कानासर ग्राम पंचायत में कार्य किया और वर्तमान में उदट ग्राम पंचायत में तैनात थे।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी
ADSP विनोद कुमार ने व्यास कॉलोनी और पूनरासर में, चूरू चौकी इंचार्ज महावीर प्रसाद शर्मा ने पूनरासर में, CI इंद्र कुमार ने मातेश्वरी एंक्लेव में, जोधपुर सिटी DYSP किशन सिंह ने कानासर और उदट में, और इंस्पेक्टर आनंद मिश्रा की टीम ने गंगाशहर में कार्रवाई को अंजाम दिया।
यह मामला भ्रष्टाचार के पैमाने और सरकारी पद का दुरुपयोग दोनों के लिए उदाहरण बन गया है, जिसमें सामान्य पृष्ठभूमि का कर्मचारी मात्र 16 साल में करोड़ों की संपत्ति जुटाने में कामयाब हुआ।














