
प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने भी संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां गति दे दी हैं। मुख्यमंत्री आवास पर सरकार और संगठन के बीच तालमेल के साथ विस्तृत रणनीति पर मंथन होगा, जिसमें बूथ स्तर तक की सूक्ष्म योजना पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज और 18 फरवरी को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ वन-टू-वन संवाद करेंगे, ताकि चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
मुख्यमंत्री निवास पर रणनीतिक बैठकें
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित होने वाले इन संवाद कार्यक्रमों में राज्य बजट की घोषणाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा होगी। संभागवार प्रमुख पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आमंत्रित कर बजट के प्रत्येक प्रावधान को विस्तार से समझाया जाएगा। साथ ही इस बात पर भी विचार होगा कि योजनाओं और घोषणाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से कैसे पहुंचाया जाए।
संगठन का लक्ष्य केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी हकीकत में बदलने की ठोस कार्ययोजना तैयार करना भी है। इसके लिए कार्यकर्ताओं से सुझाव लिए जाएंगे और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार रणनीति में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
बजट को बनाया जाएगा चुनावी आधार
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बजट प्रावधानों को आगामी चुनावों से जोड़ते हुए यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से जिलों और संभाग स्तर पर तैयार की गई बजट की सरल पुस्तिका कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई जाएगी। यह पुस्तिका सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सरल भाषा में प्रस्तुत करेगी, ताकि कार्यकर्ता घर-घर तक संदेश पहुंचा सकें।
पार्टी का मानना है कि यदि योजनाओं की सही जानकारी जनता तक पहुंचेगी, तो इसका सकारात्मक प्रभाव चुनावी परिणामों पर भी पड़ेगा। इसी कड़ी में माइक्रो मैनेजमेंट पर विशेष फोकस रखा जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
इन बैठकों में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और अशोक परनामी, धरोहर संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार लखावत तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे। इन नेताओं की उपस्थिति से संगठनात्मक दिशा और राजनीतिक संदेश दोनों को मजबूती देने की कोशिश की जा रही है।
संभागवार संवाद की शुरुआत
सोमवार, 16 फरवरी को मुख्यमंत्री बीकानेर और जोधपुर संभाग के प्रमुख कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। इससे पहले प्रदेशभर में भाजपा की ओर से संभाग और जिला स्तर पर बजट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा चुकी हैं। अब अगला चरण संगठन के भीतर गहन चर्चा और प्रत्यक्ष संवाद का है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सके।
दीर्घकालिक राजनीतिक लक्ष्य पर नजर
जानकारी के अनुसार पंचायत और निकाय चुनावों के लिए वार्डवार सामाजिक समीकरण, पिछले चुनावों के आंकड़े और स्थानीय मुद्दों का विश्लेषण किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग रणनीति तैयार की जाएगी। आईटी और डेटा आधारित चुनावी प्रबंधन को भी अभियान का हिस्सा बनाया जा रहा है, जिससे बूथ स्तर तक सटीक योजना लागू की जा सके।
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और जिलाध्यक्षों के साथ चरणबद्ध बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरी कवायद केवल निकट भविष्य के पंचायत और निकाय चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष 2028 के व्यापक राजनीतिक लक्ष्य की आधारशिला भी रख रही है।














