न्यूज़
Budget 2026 Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

विशेषज्ञों ने किया आगाह - लोग खतरे को नहीं देख पा रहे हैं, कोरोना की तीसरी लहर कभी भी दे सकती है दस्तक

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि जनता के रवैये में बदलाव के लिए सरकार में उनका भरोसा अहम होता है, लेकिन दुर्भाग्य से देश में लोगों का राजनीति पार्टियों में यकीन कम है।

Posts by : Priyanka Maheshwari | Updated on: Thu, 15 July 2021 5:52:35

विशेषज्ञों ने किया आगाह - लोग खतरे को नहीं देख पा रहे हैं, कोरोना की तीसरी लहर कभी भी दे सकती है दस्तक

भारत में कोरोना वायरस के मामलों के कम होने के बीच बड़ी संख्या में लोगों के बाजारों का रुख करने, सार्वजनिक और पर्यटन स्थलों की ओर जाने और कोविड से बचाव के नियमों का पालन नहीं करने पर विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि संक्रमण को नियंत्रित करने में समाज की भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है और लोग खतरे को नहीं देख पा रहे हैं। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि जनता के रवैये में बदलाव के लिए सरकार में उनका भरोसा अहम होता है, लेकिन दुर्भाग्य से देश में लोगों का राजनीति पार्टियों में यकीन कम है।

उनका यह भी कहना है कि संक्रमण की गंभीरता और टीकाकरण दर के बारे में अस्पष्ट जानकारी देने से भी भम्र की स्थिति पैदा हुई है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों पर पहाड़ों वाले पर्यटन स्थलों पर एंट्री के लिए कारों की लंबी कतारों और लोगों की भीड़ की तस्वीरें सामने आई हैं, जिससे कई हलकों में चिंता बढ़ी है। अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने के चक्कर में लोगों ने बचाव के बुनियादी उपाय करना भी छोड़ दिया है।

वरिष्ठ महामारी विशेषज्ञ ललित कांत ने कहा कि नियमों का पालन नहीं करना, लोगों की उदासीनता और जो होगा ईश्वर की मर्जी से होगा का मिश्रण है। मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान के निदेशक नीमेश देसाई का कहना है कि मास्क न लगाना और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने जैसी लापरवाही का कारण यह है कि लोग खतरे को नहीं देख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग खतरे को जिस तरह से आंकते हैं, उसके हिसाब से अपना व्यवहार बदलते हैं। उन्हें समझना चाहिए कि तीसरी लहर कभी भी दस्तक दे सकती है।

देसाई का कहना है कि भारत में “सामाजिक गैर जिम्मेदारी की भारी प्रवृत्ति” देखी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को व्यवहार बदलने के लिए प्रेरित करना मुश्किल है, नामुमकिन नहीं। AIIMS के महामारी विज्ञान और संचारी रोग प्रभाग के पूर्व प्रमुख कांत ने कहा कि लोग जिस तरह से कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करेंगे, उसी के मुताबिक महामारी के मामले घटेंगे या बढ़ेंगे।

लोगों का राजनीतिक पार्टियों में विश्वास बहुत कम

देसाई ने कहा, 'बीते दो दशक में विकसित देश यह समझ पाए हैं कि हर व्यक्ति की सेहत उसकी जीवनशैली और व्यवहार पर निर्भर करती है। यह हमारे समाज में नहीं है।'

अर्थशास्त्री अरूण कुमार ने कहा, 'अगर लोगों का सरकारों में भरोसा ज्यादा होगा तो वे उसके निर्देशों का पालन करेंगे। भारत में दुर्भाग्य से राजनीतिक पार्टियों में विश्वास बहुत कम है।'

उन्होंने कहा, 'देखा गया है कि कई परिवारों ने इलाज के खर्च के लिए कर्ज लिया है। लोग अपना पैसा अपने पास रखेंगे। वे बाहर जरूर जाएंगे लेकिन पैसा अनावश्यक चीजों पर खर्च नहीं करेंगे। आप जो भीड़ बाजारों में देख रहे हैं, वे घूमने निकलें हैं पैसा खर्च नहीं करेंगे।'

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर कुमार ने कहा, 'अगर हर कोई कहता है कि हमने इस बीमारी पर जीत हासिल कर ली है तो लोग मास्क या सामाजिक दूरी की चिंता करने की जरूरत पर सवाल उठाएंगे। सरकार में स्पष्टता की कमी है।'

टूरिस्ट प्लेसों पर कोविड ​​-19 नियमों का उल्लंघन देखा गया

उन्होंने कहा कि भारत के टीकाकरण की संख्या के लिहाज से अमेरिका से पिछले महीने आगे निकल जाने के सरकार के अनुमान ने झूठा दिलासा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि पर्वतीय पर्यटन स्थलों सहित देश के कई हिस्सों में कोविड ​​-19 नियमों का स्पष्ट उल्लंघन देखा गया है, और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

बता दे, कोरोना के मामले कम होते ही राज्यों ने कोरोना को लेकर लगाई गई पाबंदियों में ढ़ील देना शुरू कर दिया है। जिसके चलते पर्यटकों ने हिल स्टेशनों और बाकी के पर्यटन स्थलों की ओर रुख करना शुरू किया है। आलम ये है कि भीड़ को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिंता जतानी पड़ी है। कोरोना नियमों में ढ़ील मिलते ही लोग घूमने के लिए पहाड़ी राज्यों की तरफ भागने लगे, जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है। उत्तराखंड में पहले तो कोरोना को लेकर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई थीं, लेकिन अब कई नियमों में छूट दी गई है। ऐसे में तमाम सैलानी उत्तराखंड के हिल स्टेशनों पर उमड़ रहे हैं।

(भाषा के साथ)

राज्य
View More

Shorts see more

इस गर्मी अपनाएं यह खास स्किनकेयर रूटीन, पाएं मुलायम और ग्लोइंग त्वचा

इस गर्मी अपनाएं यह खास स्किनकेयर रूटीन, पाएं मुलायम और ग्लोइंग त्वचा

  • गर्मी से स्किन ऑयली, डल और टैन हो सकती है
  • सही स्किन केयर रूटीन से पिंपल्स और सनबर्न से बचा जा सकता है
  • त्वचा की सफाई, हाइड्रेशन और सनस्क्रीन से स्किन ग्लोइंग रहती है
read more

ताजा खबरें
View More

अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
अमेरिका में लापता भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि, कैलिफोर्निया में मिला शव; दूतावास ने जताया शोक, पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की तैयारी
रोजाना 2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं, ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में और शरीर को मिलेंगे कई फायदे
रोजाना 2 कच्ची लहसुन की कलियां चबाएं, ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल में और शरीर को मिलेंगे कई फायदे
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क ही नहीं पार्किंग में खड़ी गाड़ियां भी होंगी जब्त, बिना नोटिस सीधे स्क्रैप कार्रवाई
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
पोस्ट ऑफिस की खास स्कीम: ₹1 लाख निवेश पर मिलेगा ₹44,995 का तय ब्याज, सुरक्षित रिटर्न के साथ सरकारी भरोसा
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
‘सांसद बनने की योग्यता नहीं, फिर भी नेता प्रतिपक्ष’, केशव प्रसाद मौर्य का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
बेजान और डल स्किन के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी, जानें सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल
बेजान और डल स्किन के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी, जानें सही तरीके से कैसे करें इस्तेमाल
जिद्दी ब्लैक हेड्स हटाने का नया जुगाड़, अंडा और टिशू पेपर से मिनटों में पाएं साफ स्किन, देखें वीडियो
जिद्दी ब्लैक हेड्स हटाने का नया जुगाड़, अंडा और टिशू पेपर से मिनटों में पाएं साफ स्किन, देखें वीडियो
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
₹19,000 की भारी कटौती के साथ मिल रहा है OnePlus का प्रीमियम फोन, Amazon पर सीमित समय के लिए शानदार ऑफर
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में हुई औपचारिक घोषणा
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
बिहार की सियासत में नई सरगर्मी, AIMIM के मंच पर दिखे आईपी गुप्ता, क्या महागठबंधन से दूरी के संकेत?
सिर्फ सेहत नहीं, स्किन के लिए भी कमाल है अमरूद, जानें घर पर कैसे तैयार करें असरदार फेस पैक
सिर्फ सेहत नहीं, स्किन के लिए भी कमाल है अमरूद, जानें घर पर कैसे तैयार करें असरदार फेस पैक
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
बसपा और कांग्रेस के बाद सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अखिलेश यादव बोले- इससे PDA को मिलेगी मजबूती
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
Post Office RD स्कीम में हर महीने ₹3500 निवेश करें तो 5 साल बाद कितना मिलेगा? जानें पूरी गणना
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?
शहद की तासीर और सेवन का सही तरीका, जान लीजिए सेहत के लिए कितना फायदेमंद है हनी?