
संवेदनहीनता की कई तस्वीर ऐसी सामने आती हैं जो दिल को दुखाने वाली होती हैं। ऐसा ही एक नजारा सामने आया आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज से जहां दोनों पैर से दिव्यांग को व्हीलचेयर नहीं मिल पाई और वह इलाज पाने के लिए घिसटता रहा। हद तो तब हो गई जब डॉक्टरों ने उन्हें देखा और दवाएं लिखीं। और दवा काउंटर तक भी वे घिसट-घिसट कर गए। यहां उनकी किसी वार्ड ब्यॉय ने मदद नहीं की और व्हीलचेयर पर भी लेकर नहीं गए। प्राचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता का कहना है कि दिव्यांग को व्हील चेयर पर गार्ड क्यों नहीं ले गया, इसका पता कर कार्रवाई करता हूं।
गुरुवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे दोनों पैर से दिव्यांग नरेंद्र सिंह को इलाज के लिए मुसीबतें झेलनी पड़ीं। वह बुखार और शरीर में दर्द की परेशानी के कारण करीब 11 बजे ओपीडी पहुंचे थे। जैसे-तैसे पर्चा बनवाकर डॉक्टरों के चैंबर में गए। यहां पर गार्ड ने इन्हें गलत जानकारी देते हुए दूसरी मंजिल पर बने नाक कान गला विभाग की ओपीडी में भेज दिया। नरेंद्र सिंह घिसट-घिसट कर सीढ़ियों पर चढ़े, वहां स्टाफ ने इन्हें ग्राउंड फ्लोर पर स्थित मेडिसिन विभाग जाने को कहा। बमुश्किल धीरे-धीरे घिसटते हुए नीचे आए।














