बीकानेर में चिंकारा हिरण के शिकार की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पंजाब से आए शिकारियों ने बज्जू-दन्तौर बॉर्डर पर चिंकारा का शिकार कर दिया। ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए पुलिस की मदद से आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, जिसके दौरान पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़ हो गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने 6 शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
भागने की कोशिश में नाकाम रहे शिकारी
शिकारियों ने खुद को घिरता देख भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से सभी आरोपियों को धर-दबोचा गया। बीकानेर ग्रामीण एएसपी कैलाश सिंह सांदू ने बताया कि पंजाब से आए शिकारी जीप और थार गाड़ी में सवार थे। उनके पास से 12 बोर बंदूक, 22 बोर राइफल और 103 कारतूस बरामद किए गए हैं।
शिकारियों ने की पुलिस पर फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, जब आरोपियों को रोकने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोलायत थाना पुलिस पर फायरिंग भी की। इसके बावजूद पुलिस ने सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए सभी को पकड़ लिया और उनकी गाड़ियों को जब्त कर लिया।
क्या किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं शिकारी?
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब उनसे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे किसी बड़े शिकार गिरोह का हिस्सा हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध शिकार के पीछे कोई संगठित अपराधी समूह सक्रिय है या नहीं।
वन्यजीव संरक्षण कानूनों की खुलेआम अवहेलना
चिंकारा हिरण को भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित किया गया है, और इसका शिकार पूरी तरह अवैध है। इस कानून के अनुसार, चिंकारा का शिकार करने पर कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें जेल और भारी जुर्माना दोनों शामिल हैं। इसके बावजूद शिकारी लगातार इस कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे वन्यजीवों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।