
म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ लगातार प्रदर्शन किया जा रहा हैं जिसमें सेना द्वारा लगातार बर्बरता से प्रदर्शनकारियों का दमन किया जा रहा हैं। शनिवार को म्यांमार में क्रूरता की हद तब पार हो गई जब सेना ने 50 प्रदर्शनकारियों को गोलियों से निशाना बना डाला। यह करीब दो माह से जारी आंदोलन के दमन की अब तक की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है। सैन्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे समूह सीआरपीएच के प्रवक्ता डॉ। सासा ने कहा कि सेना के लिए यह शर्मनाक दिन है। सेना के जनरल सैकड़ों लोगों की हत्या कर आज के दिन जश्न मना रहे हैं।
ताजा हिंसा शनिवार को तब हुई जब देश में 'ऑर्म्ड फोर्सेस डे' मनाया जा रहा था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने यांगून, मांडले व अन्य कस्बों में शांतिपूर्वक रैली निकाली। इस दौरान सेना ने आक्रामक रवैया अपनाया और उन पर गोलियां चला दी। प्रदर्शन व सैन्य हिंसा के बीच सेना प्रमुख मिन आंग लाइंग ने नेशनल टेलीविजन पर अपने संदेश में कहा कि वे देश में लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने वादा किया कि देश में चुनाव कराए जाएंगे, लेकिन कब कराए जाएंगे, यह नहीं बताया।













