नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के बीच शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को लेकर बड़ा बयान दिया है। राउत ने पेजेशकियान की तुलना शेर से करते हुए कहा कि बाकी लोग व्यापारी हैं। इसी के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत में लद्दाख और गलवान का मुद्दा मजबूती से उठाने की मांग की।
ईरानी राष्ट्रपति की तारीफ में क्या बोले राउत?
संजय राउत ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के भारत दौरे और BRICS सम्मेलन में उनकी मौजूदगी का जिक्र करते हुए उनकी तारीफ की। उन्होंने पेजेशकियान को ‘शेर’ बताया और चीन तथा अमेरिका को लेकर अलग टिप्पणी की।
राउत का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरानी राष्ट्रपति भारत में BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेजेशकियान के साथ द्विपक्षीय बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
चीन को लेकर संजय राउत का हमला
संजय राउत ने भारत-चीन संबंधों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात के दौरान लद्दाख और गलवान में हुई घटनाओं का मुद्दा मजबूती से उठाया जाना चाहिए।
राउत ने सवाल उठाया कि अगर भारत और चीन के संबंध सामान्य हो रहे हैं तो सीमा पर हुए घटनाक्रम और लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर भारत का रुख क्या है। उन्होंने सरकार से चीन के साथ बातचीत में राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
गलवान का मुद्दा क्यों अहम?
भारत और चीन के संबंधों में गलवान घाटी की घटना बेहद महत्वपूर्ण मोड़ मानी जाती है। जून 2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर लंबे समय तक तनाव बना रहा।
अब BRICS सम्मेलन के लिए शी जिनपिंग के भारत दौरे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक को भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में संजय राउत ने लद्दाख और गलवान से जुड़े सवाल उठाए हैं।
#WATCH | Mumbai: On India-China relations, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, "PM Modi ought to clearly tell the President of China visiting India to first withdraw from the areas in Ladakh and Galwan where they have intruded, and return our land to us. There have been 25… pic.twitter.com/KqQZ9h5wxP
— ANI (@ANI) September 12, 2026
BRICS में आमने-सामने आए मोदी और पेजेशकियान
BRICS बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान एक साथ नजर आए। इस दौरान पेजेशकियान ने वैश्विक व्यापार और आर्थिक दबावों का मुद्दा उठाया।
ईरानी राष्ट्रपति ने BRICS देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक दबावों के कारण देशों के वैध व्यापार पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
मोदी ने भी समुद्री सुरक्षा का उठाया मुद्दा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेजेशकियान के साथ हुई बातचीत में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापार की स्वतंत्रता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए बातचीत और कूटनीति के जरिए मुद्दों का समाधान होना चाहिए।
मोदी ने समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। यह मुद्दा खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव का असर समुद्री मार्गों और जहाजों की आवाजाही पर पड़ा है।
संजय राउत का बयान ऐसे समय आया है जब BRICS सम्मेलन के दौरान भारत की कूटनीतिक गतिविधियां काफी बढ़ी हुई हैं। एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी ईरान समेत विभिन्न देशों के नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेता चीन और सीमा से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं।
फिलहाल राउत का बयान उनके राजनीतिक रुख और केंद्र सरकार पर किए गए हमले के रूप में सामने आया है। वहीं भारत सरकार की ओर से चीन के साथ संबंधों और सीमा मुद्दे पर अपनी बातचीत को लेकर अलग-अलग मंचों पर लगातार आधिकारिक रुख रखा जाता रहा है।














