फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय प्रवासियों के साथ संवाद करते हुए ऑल पार्टी डेलीगेशन की सदस्य और शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नाराजगी और गंभीरता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आज वे विपक्ष की प्रतिनिधि के रूप में, भारत के 1.4 बिलियन नागरिकों की ओर से एकजुटता और आक्रोश को दुनिया के सामने रखने आई हैं। प्रियंका ने ज़ोर देकर कहा कि भारत का हर नागरिक आतंकवाद और आतंकी गतिविधियों को लेकर गहरी नाराज़गी में है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वे महाराष्ट्र से आती हैं, विशेष रूप से मुंबई से, जहाँ अब तक का सबसे भीषण आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 160 से अधिक निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने उपस्थित लोगों से सवाल किया—"ये आतंकवाद आता कहां से है?" उन्होंने इशारों में पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसके जिम्मेदार होने की ओर ध्यान दिलाया। बता दें कि प्रियंका इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जिसका नेतृत्व बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद कर रहे हैं।
#WATCH | Paris, France: During an interaction with Indian diaspora, Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi, who was part of the all-party delegation led by BJP MP Ravi Shankar Prasad, said, "... Today I have come as a member of the opposition to express my solidarity with the 1.4… pic.twitter.com/GpoBrNcFcU
&mdasधर्म की पुनर्स्थापना के लिए युद्ध भी आवश्यक
प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला और कहा कि आतंकवाद की अधिकतर जड़ें उसी की धरती से निकलती हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल अपना आक्रोश प्रकट करने नहीं आई हैं, बल्कि भारत का आत्मविश्वास और संकल्प भी साथ लेकर आई हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से कहा कि वे जिन खतरों और चुनौतियों का सामना विदेशों में कर रहे हैं, वही भारत में भी अनुभव किए जा रहे हैं।
प्रियंका ने कहा कि वे उसी भूमि से आती हैं जहां महात्मा गांधी ने जन्म लिया, और जहां गौतम बुद्ध ने शांति और करुणा का संदेश दिया। लेकिन उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत भगवान श्रीकृष्ण की भी भूमि है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब धर्म संकट में हो, तो केवल शांति की बातें काफी नहीं होतीं—कभी-कभी धर्म की पुनर्स्थापना के लिए युद्ध भी आवश्यक होता है।
फ्रांस और भारत के सामने एक साझा दुश्मन—आतंकवाद
प्रियंका ने अपने बयान में पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकवाद केवल भारत की समस्या नहीं है, बल्कि फ्रांस भी इसकी चपेट में है। उन्होंने कहा कि फ्रांस में सार्वजनिक स्थलों और नागरिकों पर हमले करने वाले आतंकियों को पाकिस्तान से सहायता, प्रशिक्षण, आर्थिक मदद और यहां तक कि शरण भी मिलती है।
उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों का साझा दुश्मन आतंकवाद है। उन्होंने दुनिया को यह याद दिलाया कि चाहे अमेरिका में 9/11 का हमला हो, यूरोप में बढ़ते आतंकी हमले हों या भारत में हुए हमले—इन सभी का सुराग बार-बार पाकिस्तान की ओर ही जाता है।
प्रियंका ने कहा कि अब समय आ गया है जब दुनिया को पाकिस्तान को उसकी आतंकी गतिविधियों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। यदि हमें एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण विश्व की ओर बढ़ना है, तो इस खतरे को पहचानना और समाप्त करना ही होगा।














