
अमेरिका में टैरिफ को लेकर मचा विवाद और वहां की सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने वैश्विक बाजारों में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप द्वारा लागू किए गए वैश्विक टैरिफ को अदालत द्वारा रद्द किए जाने के बाद भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया दी।
वित्त मंत्री ने कहा—“अभी जल्दबाजी में निर्णय नहीं”
निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा घोषित टैरिफ परिवर्तनों पर तत्काल कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने बताया कि भारत का वाणिज्य मंत्रालय स्थिति का विस्तार से अध्ययन कर रहा है और आवश्यक होने पर प्रतिनिधिमंडल को आगे की बातचीत और निर्णय लेने का मार्गदर्शन दिया जाएगा।
बैंकों के विलय पर अभी कोई रोडमैप नहीं
वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय से जुड़े सवाल पर कहा कि इस समय इसके लिए कोई तय रोडमैप नहीं है। हालांकि, केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत प्रस्तावित ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग समिट’ इस विषय और अन्य संबंधित पहलुओं पर विचार करेगी, ताकि आगे के निर्णय पर मार्गदर्शन मिल सके।
भारत-यूएस डील सही दिशा में
निर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताएं हमेशा बनी रहती हैं और ये समय-समय पर बदलती रहती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत अमेरिका के साथ अपनी व्यावसायिक साझेदारी को सही दिशा में आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि UK और EU के साथ हाल ही में हुई कई डील इसके प्रमाण हैं। उनका कहना था कि भारत चाहता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बने और देश के उत्पाद वैश्विक बाजार में आसानी से पहुंच सकें।













