
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में Nayara Energy ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है। कंपनी ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि कर दी है। इससे पहले सरकारी तेल कंपनियां प्रीमियम पेट्रोल के दामों में सीमित बढ़ोतरी कर चुकी हैं।
निजी कंपनी ने बढ़ाए दाम
देश की प्रमुख निजी फ्यूल रिटेल कंपनियों में शामिल Nayara Energy ने गुरुवार को कीमतों में यह बढ़ोतरी लागू की। सूत्रों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसी दबाव को देखते हुए कंपनी ने यह कदम उठाया है।
मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में उछाल
28 फरवरी के बाद वैश्विक तेल बाजार में तेजी देखने को मिली। यह बढ़ोतरी उस समय शुरू हुई जब United States और Israel की ओर से Iran पर सैन्य कार्रवाई की गई, जिसके बाद जवाबी हमलों ने हालात और बिगाड़ दिए। इस घटनाक्रम के चलते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50% तक उछाल आया, जिससे तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ गया।
भारत में Nayara Energy के लगभग 6,967 पेट्रोल पंप संचालित होते हैं, जबकि देशभर में कुल पेट्रोल पंपों की संख्या 1 लाख से अधिक है। बढ़ती लागत के कारण कंपनी ने इसका कुछ बोझ उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है, हालांकि इस पर कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राज्यों में अलग-अलग असर
सूत्रों के अनुसार, पेट्रोल में ₹5 और डीजल में ₹3 की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन अलग-अलग राज्यों में लगने वाले VAT के कारण वास्तविक कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर पेट्रोल की कीमत ₹5.30 प्रति लीटर तक बढ़ गई है। निजी कंपनियों को कीमतें स्थिर रखने पर होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार की ओर से नहीं मिलती, ऐसे में उनके पास दाम बढ़ाने के अलावा सीमित विकल्प रहते हैं।
सरकारी कंपनियों ने दी राहत
जहां निजी कंपनी ने दाम बढ़ाए हैं, वहीं Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत बरकरार रखी है। इन कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के लगभग 90% बाजार हिस्से पर इनका कब्जा है और अप्रैल 2022 से ये कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
प्रीमियम ईंधन में पहले ही बढ़ोतरी
पिछले सप्ताह सरकारी कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ाए थे, वहीं औद्योगिक उपयोग वाले बल्क डीजल की कीमत में करीब ₹22 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। हालांकि आम उपयोग में आने वाले पेट्रोल-डीजल की कीमतों को अभी भी यथावत रखा गया है।
दिल्ली में नई कीमतें
राजधानी दिल्ली में 95 ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹99.89 से बढ़कर ₹101.89 प्रति लीटर हो गई है, जबकि बल्क डीजल ₹87.67 से बढ़कर ₹109.59 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं सामान्य पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर हैं। सामान्य पेट्रोल का ऑक्टेन स्तर 91–92 होता है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल का स्तर 95–98 तक होता है, जो हाई-परफॉर्मेंस वाहनों के लिए बेहतर माना जाता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
इस महीने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $119 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, हालांकि बाद में इनमें गिरावट आई और यह करीब $100 प्रति बैरल के आसपास आ गईं। फिर भी बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
आयात पर भारत की निर्भरता
भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है। इसका बड़ा हिस्सा Strait of Hormuz के जरिए आता है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई बीमा कंपनियों ने कवरेज सीमित कर दिया, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ा।
तेल कंपनियों का मुनाफा
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी 2022 में तेल की कीमतें $119 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। उस समय कंपनियों को सीमित लाभ हुआ था, लेकिन वित्त वर्ष 2023-24 में सरकारी तेल कंपनियों ने रिकॉर्ड ₹81,000 करोड़ का मुनाफा कमाया। केवल दिसंबर तिमाही में ही Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum ने मिलकर ₹23,743 करोड़ का लाभ दर्ज किया।














