
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते वैश्विक तेल और गैस संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते एलपीजी से भरा एक और टैंकर भारत में पहुंच गया है। इस टैंकर का नाम अपोलो ओशन है और यह न्यू मेंगलोर पोर्ट पर पहुंच चुका है।
इस टैंकर में 17,600 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है। इसकी सप्लाई इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) को की जाएगी।
इसके अलावा, देश में और भी एलपीजी टैंकर पहुंचने वाले हैं। इनमें जग वसंत नामक टैंकर आज रात तक गुजरात के वाडीनार पोर्ट पर आ सकता है। यह टैंकर 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है। इसके अलावा पाइन गैस टैंकर शुक्रवार सुबह न्यू मेंगलोर पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है।
भारत अपनी एलपीजी की जरूरत का लगभग 60% हिस्सा दुनिया के विभिन्न बाजारों से आयात करता है, और इसमें से 90% आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है।
सरकार ने दोहराया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। घरेलू उत्पादन को 40 प्रतिशत बढ़ाकर रोजाना 50 टीएमटी कर दिया गया है, जबकि कुल आवश्यकता लगभग 80 टीएमटी है। इसका मतलब है कि अब आयात की जरूरत केवल 30 टीएमटी रह गई है।
इसके अलावा, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से 800 टीएमटी एलपीजी पहले ही भारत भेज दी जा चुकी है, जो देश के 22 टर्मिनलों पर वितरित की जाएगी। सरकार का कहना है कि कम से कम एक महीने की एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित है और आगे भी लगातार व्यवस्था की जा रही है।
सरकार के अनुसार, तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से अधिक सिलेंडरों की डिलीवरी कर रही हैं। वहीं, गैस की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है।
इससे साफ है कि भारत एलपीजी आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है, और जनता को गैस की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।














