कॉमेडियन प्रणीत मोरे के स्टैंडअप शो में दिए गए एक विवादित बयान के कारण सुर्खियों में आए हिमांशु जांगड़ा को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक क्लिप में महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली थी। बढ़ते विवाद और सार्वजनिक दबाव के बीच उनकी कंपनी ने उन्हें नौकरी से हटा दिया। अब जिस कंपनी में हिमांशु कार्यरत थे, उसके संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि 22 वर्षीय हिमांशु को उन्होंने हमेशा एक जिम्मेदार और ईमानदार कर्मचारी के रूप में देखा था और कार्यालय में उसके व्यवहार को लेकर कभी कोई शिकायत सामने नहीं आई।
सोशल मीडिया पर मचा बवाल, तब कंपनी ने देखा पूरा मामला
एक इंटरव्यू के दौरान विवेक विश्वकर्मा ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही क्लिप को गंभीरता से नहीं लिया था क्योंकि वह अपने कामकाज में व्यस्त थे। लेकिन जब कंपनी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स, ईमेल और पोस्ट्स पर बड़ी संख्या में लोगों की प्रतिक्रियाएं और आपत्तियां आने लगीं, तब उन्होंने पूरे मामले की जांच की।
उनके मुताबिक, वीडियो देखने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि कंपनी की छवि और कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ने लगा है। इसके बाद कंपनी को स्थिति पर गंभीरता से विचार करना पड़ा।
“जिस हिमांशु को हम जानते थे, वह वीडियो वाला व्यक्ति नहीं था”
विवेक ने कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यवहार उस कर्मचारी से बिल्कुल अलग था जिसे वे रोजाना ऑफिस में देखते थे। उन्होंने बताया कि हिमांशु अपने काम को लेकर बेहद समर्पित था और टीम के साथ उसका व्यवहार हमेशा पेशेवर रहा।
उन्होंने कहा कि विवाद सामने आने के बाद कंपनी ने आंतरिक स्तर पर भी समीक्षा की। महिला कर्मचारियों सहित अन्य सहयोगियों से बातचीत की गई, लेकिन किसी ने भी हिमांशु के खिलाफ कभी अनुचित व्यवहार की शिकायत नहीं की। सभी ने उसे मेहनती, शालीन और जिम्मेदार कर्मचारी बताया। यही वजह है कि यह पूरा घटनाक्रम कंपनी के लिए भी चौंकाने वाला रहा।
आखिर क्यों लेना पड़ा नौकरी खत्म करने का फैसला?
हिमांशु को हटाने के फैसले पर विवेक विश्वकर्मा ने कहा कि यह व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरी तरह व्यावसायिक निर्णय था। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी डिजाइन और डिजिटल मार्केटिंग क्षेत्र में काम करती है और उसका अधिकांश व्यवसाय ऑनलाइन प्रतिष्ठा पर निर्भर करता है।
विवेक के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद कंपनी की हर पोस्ट पर हजारों नकारात्मक टिप्पणियां आने लगीं। कई लोगों ने कंपनी को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, दो बड़े संभावित क्लाइंट्स, जिनके साथ समझौते लगभग अंतिम चरण में थे, उन्होंने भी इस विवाद के बाद पीछे हटने का फैसला कर लिया। ऐसे हालात में कंपनी के सामने व्यवसायिक नुकसान को रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया था।
उन्होंने यह भी बताया कि विवाद के बाद हिमांशु ने स्वयं भी दफ्तर आना बंद कर दिया था।
“शो का माहौल ही अलग था”, पूर्व बॉस ने दी सफाई
विवेक विश्वकर्मा का मानना है कि जिस कार्यक्रम में हिमांशु गया था, वहां का माहौल भी इस घटना में एक बड़ा कारण हो सकता है। उन्होंने बताया कि हिमांशु हरियाणा के एक छोटे शहर से आता है और अभी उसकी उम्र सिर्फ 22 साल है।
विवेक ने कहा कि जिस स्टैंडअप शो में यह घटना हुई, उसकी थीम ही ऐसी थी जहां अश्लील और विवादास्पद बातचीत को मंच पर खुलकर प्रोत्साहित किया जा रहा था। उसी माहौल में बहकर हिमांशु ने भी ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसके परिणामों का शायद उसे अंदाजा नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि मंच संचालक और कॉमेडियन प्रणीत मोरे को शुरुआत में ही ऐसी टिप्पणियों को रोकना चाहिए था। उनके अनुसार, अगर पहले ही उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई जाती तो शायद मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।
अब कहां है हिमांशु, क्या उसे अपने बयान पर पछतावा है?
विवेक ने बताया कि नौकरी जाने के बाद भी उनकी हिमांशु से बातचीत हुई है। फिलहाल वह अपने गृह राज्य हरियाणा लौट चुका है और सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहा है।
उनके अनुसार, विवाद की जानकारी अब उसके परिवार, रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों तक भी पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के अलावा उसे कथित तौर पर धमकी भरे फोन कॉल भी मिल रहे हैं। इसी वजह से वह फिलहाल घर से बाहर निकलने से बच रहा है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या हिमांशु को अपने बयान पर अफसोस है, तो विवेक ने कहा कि वह अपनी टिप्पणी को लेकर बेहद शर्मिंदा है। उसने माना है कि मंच के माहौल में बहकर उसने ऐसी बात कही, जो नहीं कहनी चाहिए थी और अब उसे अपनी गलती का गहरा पछतावा है।
क्या है ‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद?
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब हिमांशु जांगड़ा कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक स्टैंडअप शो में दर्शकों के बीच मौजूद था। कार्यक्रम के दौरान प्रणीत मोरे ने उससे बातचीत शुरू की और उसकी निजी जिंदगी से जुड़ा सवाल पूछा।
इस दौरान हिमांशु ने अपनी एक डेट का जिक्र करते हुए कहा कि उसने लड़की के साथ 370 रुपये की चिकन बिरयानी खाई थी और बदले में उसे “कुछ वसूल” करना चाहिए। सोशल मीडिया पर इस बयान को महिलाओं के प्रति अपमानजनक, आपत्तिजनक और बेहद घटिया सोच का उदाहरण बताया गया।
वीडियो वायरल होते ही लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और हिमांशु की व्यापक आलोचना शुरू हो गई। बढ़ते विवाद का असर उसकी पेशेवर जिंदगी पर भी पड़ा और आखिरकार उसे अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।














