
वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में हो रहे बदलावों का असर सीधे तौर पर कीमती धातुओं पर देखने को मिल रहा है। बीते एक सप्ताह में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। जहां चांदी के दाम लगभग ₹13,000 प्रति किलो तक बढ़ गए, वहीं सोने में भी करीब ₹3,000 से ₹3,500 प्रति 10 ग्राम की तेजी देखने को मिली है। निवेशकों की बढ़ती खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं ने इन धातुओं की मांग को और मजबूत कर दिया है।
MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े दाम
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹1,52,690 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताह की तुलना में लगभग ₹3,000 से अधिक की बढ़त दर्शाता है। वहीं चांदी ₹2,43,274 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जिसमें करीब ₹13,000 की तेज उछाल देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का यही रुख रहा। COMEX पर सोना $4,787 प्रति ट्रॉय औंस और चांदी $76.48 प्रति ट्रॉय औंस के स्तर पर बंद हुई, जिससे वैश्विक स्तर पर मजबूत खरीदारी का संकेत मिलता है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनावों में हल्के सुधार और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सीजफायर चर्चाओं ने बाजार में कुछ स्थिरता की उम्मीद जगाई है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और अमेरिकी डॉलर भी कमजोर हुआ है।
डॉलर कमजोर होने पर सोना और चांदी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन जाते हैं, जिससे इनकी मांग में तेजी आ जाती है और कीमतें ऊपर चली जाती हैं।
फेडरल रिजर्व की नीति से बढ़ी उम्मीदें
तेल की कीमतों में गिरावट के बाद अमेरिका में महंगाई का दबाव कुछ कम हुआ है। ऐसे में यह उम्मीद मजबूत हो रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
कम ब्याज दरों के माहौल में सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्प अधिक फायदेमंद माने जाते हैं, जिससे इनकी खरीदारी में तेजी देखी जाती है।
चांदी ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन
इस बार चांदी ने सोने की तुलना में अधिक मजबूत प्रदर्शन किया है। लगभग 4.8% की साप्ताहिक बढ़त के साथ चांदी ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है।
औद्योगिक मांग के साथ-साथ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से सिल्वर में लगातार मजबूती बनी हुई है और इसका रुझान सकारात्मक दिखाई दे रहा है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोना और चांदी में तेजी का रुझान जारी रह सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक हालात और अमेरिकी फेड के फैसलों पर निर्भर करेगा।
अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है या डॉलर और कमजोर होता है, तो आने वाले समय में सोना-चांदी की कीमतों में और भी उछाल देखने को मिल सकता है।














