प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार केंद्रीय कैबिनेट में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक न तो फेरबदल की तारीख का ऐलान किया गया है और न ही किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि हुई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से लगातार कई नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, जबकि कुछ को मंत्रिमंडल से बाहर भी किया जा सकता है।
इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अलग-अलग राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इन बैठकों के बाद राजनीतिक हलकों में संभावित कैबिनेट विस्तार और संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। इसी बीच विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ नेताओं के नाम भी संभावित नए चेहरों के रूप में सामने आ रहे हैं। हालांकि इन दावों पर अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
उत्तर प्रदेश संगठन में बदलाव के बाद बढ़ी अटकलें
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए राज्य संगठन में भी बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम का विस्तार किया गया है, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री और प्रदेश मंत्री के कई नए पद जोड़े गए हैं। पार्टी ने इस नई टीम में लगभग 60 प्रतिशत नए चेहरों को अवसर दिया है, जबकि दो दर्जन से अधिक पुराने पदाधिकारियों को इस बार जगह नहीं मिली।
नई टीम के गठन में सामाजिक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। पार्टी ने पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व दिया है, वहीं महिलाओं की भागीदारी भी पहले की तुलना में बढ़ाई गई है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के बाद अन्य राज्यों में भी संगठन स्तर पर इसी तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे केंद्र सरकार के संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं को और मजबूती मिल रही है।
इन मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम उन नेताओं में शामिल है जिनके विभाग में बदलाव या मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जगह पंजाब या सिख समुदाय से किसी अन्य नेता को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
धर्मेंद्र प्रधान पिछले कुछ समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहे हैं। कई स्थानों पर उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। इसी वजह से उनके विभाग में बदलाव की संभावनाओं पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर बनी हुई है। इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के मंत्रालयों में भी फेरबदल की चर्चा चल रही है। हालांकि इन सभी खबरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नए चेहरों को मिल सकती है कैबिनेट में जगह
सूत्रों के अनुसार इस संभावित फेरबदल में कुछ नए नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे का नाम प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि उन्होंने स्वयं इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया जा रहा है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सुखेंदु शेखर रे का नाम भी संभावित नए चेहरों की सूची में बताया जा रहा है। हालांकि सरकार या भाजपा नेतृत्व की ओर से इन सभी दावों पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद बढ़ी चर्चाएं
हाल ही में केरल से भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था। वह अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद रवनीत सिंह बिट्टू अब भी केंद्रीय मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। इसी तरह पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलने के बाद केंद्र सरकार में मंत्री पद संभाल रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी दिनों में केंद्र सरकार और भाजपा संगठन दोनों स्तरों पर व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें संभावित कैबिनेट विस्तार और उससे जुड़ी आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।













