कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की धुंधली स्कैन कॉपी को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्थिति साफ करते हुए छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है। बोर्ड ने कहा है कि तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी छात्र के मूल्यांकन या परिणाम पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। CBSE ने स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों को तय प्रक्रिया के तहत गंभीरता से देखा जा रहा है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
इस पूरे मामले पर बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि CBSE एक निष्पक्ष और पूरी तरह पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। पोस्ट में यह भी बताया गया कि स्कैन की गई आंसर शीट या मूल्यांकन से जुड़ी सभी वास्तविक शिकायतों की जांच विषय विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। साथ ही स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 मई 2026 तय की गई है। इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया गया, जिसमें बोर्ड द्वारा अपनाई जा रही समाधान प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।
CBSE remains committed to a fair and transparent evaluation process. All genuine concerns related to scanned answer books or evaluation will be reviewed by subject experts through the prescribed mechanism.
— CBSE HQ (@cbseindia29) May 23, 2026
Last date to apply for scanned answer books: May 24, 2026.@dpradhanbjp… pic.twitter.com/Z10MCAg2iB
विशेषज्ञ पैनल कर रहा हर आंसर शीट की बारीकी से जांच
CBSE द्वारा जारी वीडियो में बताया गया कि जिन उत्तर पुस्तिकाओं को समीक्षा के लिए चिह्नित किया जाता है, उनकी जांच विषय विशेषज्ञों के एक विशेष पैनल द्वारा बेहद सावधानीपूर्वक की जाती है। बोर्ड का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मूल्यांकन में पूरी तरह निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करना है।
इसके अलावा CBSE ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि यदि किसी आंसर शीट में कोई पेज अस्पष्ट, अधूरा या गलत तरीके से स्कैन हुआ पाया जाता है, तो उसकी जांच और सुधार तय आधिकारिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। यह मुद्दा तब सामने आया जब कई छात्रों ने शिकायत की कि उनकी 12वीं कक्षा की स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली दिखाई दे रही हैं या फिर कुछ मामलों में आधे पेज ही स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं, जबकि बाकी हिस्से गायब हैं।
फर्जी सर्कुलर को लेकर भी CBSE ने दी चेतावनी
इसी बीच CBSE ने सोशल मीडिया पर फैल रही एक फर्जी सूचना का भी खंडन किया है। इस कथित सर्कुलर में दावा किया जा रहा था कि तकनीकी समस्याओं के चलते बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन और आंसर शीट की फोटोकॉपी प्रक्रिया को रद्द कर दिया है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। CBSE ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना चैनलों पर ही भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट या फर्जी खबर से प्रभावित न हों।













