
14 फरवरी को दुनिया भर में प्यार का उत्सव मनाया जाता है। गुलाब, गिफ्ट, डिनर डेट और सोशल मीडिया पर रोमांटिक पोस्ट—सब कुछ रिश्तों की चमक को दिखाने के लिए होता है। लेकिन इसी चमक के बीच एक दिलचस्प और थोड़ा चौंकाने वाला ट्रेंड भी सामने आता है—Valentine’s Day के आसपास ब्रेकअप की संख्या बढ़ जाती है।
कई कपल्स के लिए यह समय रोमांस से ज्यादा आत्ममंथन का दौर बन जाता है। जो सवाल महीनों से मन के किसी कोने में दबे रहते हैं—क्या हम सच में संतुष्ट हैं? क्या यह रिश्ता भविष्य की ओर बढ़ रहा है?—वे अचानक गंभीर और अनदेखा न किए जा सकने वाले लगने लगते हैं।
रिसर्च क्या कहती है?
एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन, जो onlinelibrary में प्रकाशित हुआ, में एक वर्ष तक रोमांटिक जोड़ों के व्यवहार का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि Valentine’s Day से पहले और बाद के लगभग दो हफ्तों में ब्रेकअप की संभावना सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 2.5 गुना अधिक हो जाती है।
जब शोधकर्ताओं ने रिश्ते की अवधि, पार्टनर्स का पूर्व रिलेशनशिप इतिहास और जेंडर जैसे पहलुओं को भी शामिल किया, तो यह संभावना पांच गुना से ज्यादा तक बढ़ती हुई नजर आई।
हालांकि, इस आंकड़े को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण बात जानना जरूरी है—यह उछाल केवल उन रिश्तों में देखा गया जो पहले से ही अस्थिर या संघर्ष की स्थिति में थे। मजबूत और संतुलित रिश्तों में ऐसा पैटर्न नहीं मिला।
यानी Valentine’s Day किसी स्थिर रिश्ते को नहीं तोड़ता, बल्कि पहले से मौजूद दरारों को उजागर कर देता है।
‘टेम्पोरल लैंडमार्क’ का प्रभाव
मनोविज्ञान में ऐसे खास दिनों को “टेम्पोरल लैंडमार्क” कहा जाता है। ये वे तारीखें होती हैं जो समय को ‘पहले’ और ‘बाद’ में बांट देती हैं—जैसे नया साल, जन्मदिन या कोई खास अवसर।
ऐसे मौके लोगों को अपने जीवन और रिश्तों का मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करते हैं। Valentine’s Day भी एक ऐसा ही पड़ाव है। यह लोगों को सोचने पर मजबूर करता है कि उनका रिश्ता वास्तव में किस दिशा में जा रहा है।
अगर पहले से कोई असंतोष या असमंजस है, तो यह दिन उसे और स्पष्ट कर देता है। संदेह पैदा नहीं होता, बल्कि पहले से मौजूद असुरक्षा और सवाल सतह पर आ जाते हैं।
बढ़ता सामाजिक और भावनात्मक दबाव
समय के साथ Valentine’s Day केवल भावनात्मक उत्सव नहीं रहा, बल्कि एक बड़े पैमाने पर व्यावसायिक और सामाजिक आयोजन बन गया है। विज्ञापन, महंगे गिफ्ट, सोशल मीडिया पर परफेक्ट कपल की तस्वीरें—ये सब एक अदृश्य दबाव तैयार करते हैं।
रिश्ते को इस दिन “परफेक्ट” दिखाने की अपेक्षा कई लोगों के लिए बोझ बन जाती है। जब अंदर से रिश्ता कमजोर हो और बाहर से उसे आदर्श दिखाने की कोशिश करनी पड़े, तो भावनात्मक थकान बढ़ जाती है।
अमेरिका में हुए एक राष्ट्रीय सर्वे के अनुसार, 22 प्रतिशत वयस्कों ने स्वीकार किया कि उन्होंने Valentine’s Day से पहले रिश्ता इसलिए खत्म कर दिया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि उनका पार्टनर उन पर गिफ्ट या पैसे खर्च करे, जबकि वे पहले से जानते थे कि रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।
असल वजह क्या है?
आखिर में समझने वाली बात यह है कि Valentine’s Day खुद ब्रेकअप की वजह नहीं बनता। यह केवल एक आईना साबित होता है, जिसमें रिश्ते की वास्तविक स्थिति साफ नजर आने लगती है।
महीनों से चल रही असहमति, संवाद की कमी या भावनात्मक दूरी इस मौके पर अचानक स्पष्ट हो जाती है। यही कारण है कि प्यार के इस पर्व के आसपास कई रिश्तों में दरार दिखाई देने लगती है।
इसलिए यदि किसी रिश्ते में स्थिरता और संवाद मजबूत है, तो यह दिन उसे और गहरा बना सकता है। लेकिन अगर नींव पहले से हिल रही हो, तो Valentine’s Day उस सच्चाई को सामने लाने का काम करता है।














