आज के समय में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड एक आम स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। पहले यह परेशानी मुख्य रूप से बढ़ती उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। शरीर में यूरिक एसिड तब बनता है, जब प्यूरिन (Purine) नामक तत्व टूटता है। सामान्य परिस्थितियों में किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है, लेकिन जब इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बनने लगे या किडनी इसे ठीक से बाहर न निकाल पाए, तो यह शरीर में जमा होने लगता है। इसका असर जोड़ों पर पड़ता है और दर्द, सूजन तथा गठिया जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि किन गलतियों से यूरिक एसिड बढ़ता है और इसे नियंत्रित रखने के लिए क्या करना चाहिए।
खानपान की ये आदतें बढ़ा सकती हैं यूरिक एसिड
विशेषज्ञों के अनुसार, प्यूरिन से भरपूर खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड बढ़ाने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। रेड मीट, ऑर्गन मीट जैसे लीवर और किडनी, साथ ही कई तरह के सी-फूड में प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है। जब शरीर इन खाद्य पदार्थों को पचाता है, तो यूरिक एसिड का निर्माण बढ़ जाता है। यदि इनका सेवन नियमित रूप से ज्यादा मात्रा में किया जाए, तो शरीर में यूरिक एसिड का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
इसके अलावा, अधिक चीनी वाले पेय पदार्थ भी इस समस्या को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खासकर फ्रुक्टोज युक्त कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस और मीठे पेय शरीर में यूरिक एसिड बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं। इसलिए इनका सीमित सेवन करना बेहतर माना जाता है।
शराब और पानी की कमी भी बन सकती है कारण
शराब का अधिक सेवन, विशेष रूप से बीयर, यूरिक एसिड बढ़ने की एक बड़ी वजह मानी जाती है। बीयर में प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है और यह किडनी की उस क्षमता को भी प्रभावित करती है, जिससे शरीर अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालता है। परिणामस्वरूप यह शरीर में जमा होने लगता है और समस्या गंभीर हो सकती है।
वहीं, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से भी किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो किडनी यूरिक एसिड को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाती। इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना इस समस्या से बचाव के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
निष्क्रिय जीवनशैली भी बढ़ाती है जोखिम
आजकल लंबे समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी यूरिक एसिड बढ़ने का एक प्रमुख कारण बन चुकी है। लगातार बैठे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है, जिससे अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
यदि नियमित रूप से व्यायाम नहीं किया जाए और वजन लगातार बढ़ता रहे, तो यूरिक एसिड का स्तर भी बढ़ सकता है। इसलिए सक्रिय जीवनशैली अपनाना इस समस्या को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यूरिक एसिड कम करने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
यदि आप यूरिक एसिड को नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने खानपान में बदलाव करना जरूरी है। रेड मीट, ऑर्गन मीट और अधिक मात्रा में सी-फूड खाने से बचें। इनके स्थान पर फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें।
खीरा, पपीता, सेब और अन्य ताजे फल शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ यूरिक एसिड को बाहर निकालने में भी मदद कर सकते हैं। वहीं, मीठे पेय और पैकेज्ड ड्रिंक्स की जगह नारियल पानी, सादा पानी या नींबू पानी जैसे स्वस्थ विकल्पों को प्राथमिकता दें।
इसके साथ ही रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चाल से टहलना, योग या हल्का व्यायाम, शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने और वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है। यदि आप शराब का सेवन करते हैं, तो उसे कम करना या पूरी तरह छोड़ देना यूरिक एसिड को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि आपके जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, लालिमा या अकड़न बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये बढ़े हुए यूरिक एसिड या गाउट (Gout) के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना और उनकी सलाह के अनुसार उपचार शुरू करना बेहतर रहता है।
संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अधिकांश लोग यूरिक एसिड के स्तर को काफी हद तक नियंत्रित रख सकते हैं। समय रहते सही कदम उठाने से जोड़ों के दर्द, सूजन और गठिया जैसी गंभीर समस्याओं के खतरे को भी कम किया जा सकता है।













