न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, 5.25% पर बरकरार; होम और ऑटो लोन की EMI में फिलहाल राहत नहीं

RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा है। जानिए होम लोन, ऑटो लोन की EMI, महंगाई, MPC बैठक और आरबीआई के ताजा फैसलों का आपकी जेब पर क्या असर होगा।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Wed, 05 Aug 2026 11:19:24

RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव, 5.25% पर बरकरार; होम और ऑटो लोन की EMI में फिलहाल राहत नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है। रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने मौजूदा आर्थिक हालात, महंगाई के दबाव और वैश्विक परिस्थितियों का आकलन करने के बाद यह निर्णय लिया। इस सप्ताह सोमवार से शुरू हुई एमपीसी की बैठक के समापन के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने समिति के फैसलों की जानकारी दी। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से फिलहाल होम लोन, ऑटो लोन और अन्य बैंकिंग ऋणों की ब्याज दरों में तत्काल राहत मिलने की संभावना नहीं है।

साल 2026 में अब तक ब्याज दरों में नहीं हुआ कोई संशोधन

रिजर्व बैंक ने पूरे वर्ष 2026 में अब तक रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। इससे पहले दिसंबर 2025 में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी। इसके बाद से लगातार सभी मौद्रिक नीति बैठकों में ब्याज दर को स्थिर रखा गया है। एमपीसी ने अपने नीति रुख (Policy Stance) को भी 'न्यूट्रल' बनाए रखा है, जिससे जरूरत पड़ने पर भविष्य में आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की गुंजाइश बनी रहे।

आरबीआई हर दो महीने में मॉनेटरी पॉलिसी की समीक्षा करता है और महंगाई, आर्थिक विकास, वैश्विक बाजार तथा वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरों पर फैसला लेता है। इस वर्ष फरवरी, अप्रैल, जून और अगस्त में समिति की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जबकि अगली एमपीसी बैठक अक्टूबर में प्रस्तावित है।

अनुमान से अधिक बनी हुई है खुदरा महंगाई, खाद्य और ईंधन की कीमतें चिंता का कारण


आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश में खुदरा महंगाई अभी भी अनुमानित स्तर से ऊपर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि खाद्य वस्तुओं और ईंधन की बढ़ती कीमतें महंगाई को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। इसके कारण आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर भी दबाव बना हुआ है, जिससे लागत प्रभावित हो रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि मानसून को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आने वाले महीनों के महंगाई परिदृश्य को लेकर अभी पूरी तरह स्पष्ट तस्वीर नहीं है। हालांकि, घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को लगातार सहारा दे रही है और आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान कर रही है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भी सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है भारत

एमपीसी के निर्णयों की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, जिसका असर वैश्विक व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।

संजय मल्होत्रा के अनुसार, आने वाले समय में खुदरा महंगाई में कुछ और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, उनका अनुमान है कि वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे नरम पड़ना शुरू हो जाएगी। आरबीआई का मानना है कि महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना फिलहाल उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।

राज्य
View More

Shorts see more

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

बारिश के मौसम में ग्लोइंग स्किन चाहिए? अपनाएं ब्लू स्किन केयर का ये वायरल ब्यूटी ट्रेंड

  • मानसून में स्किन चिपचिपी और पिंपल्स वाली हो जाती है
  • ब्लू स्किन केयर से ठंडक और हाइड्रेशन मिलता है
  • #BlueSkincare ट्रेंड युवाओं में वायरल है
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत