मानसून का मौसम अपने साथ ठंडी फुहारें और सुहाना माहौल लेकर आता है, लेकिन इसी दौरान वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। मौसम में बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है, जिससे सर्दी, जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियां आसानी से घेर लेती हैं। ऐसे समय में खानपान का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। यदि डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएं जो प्राकृतिक रूप से इम्यूनिटी को मजबूत करें, तो शरीर संक्रमणों से बेहतर तरीके से लड़ सकता है।
इन्हीं पौष्टिक खाद्य पदार्थों में करौंदा भी शामिल है, जो मानसून के दौरान आसानी से उपलब्ध होता है। विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर करौंदा न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। अगर आप बारिश के मौसम में खाने के स्वाद के साथ-साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहते हैं, तो करौंदे की चटपटी और तीखी चटनी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि।
करौंदे की चटनी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
150 ग्राम करौंदे (बीज निकालकर दो हिस्सों में कटे हुए)
4 से 5 हरी मिर्च
1 कप ताजा हरा धनिया (बारीक कटा हुआ)
1 इंच अदरक का टुकड़
1 छोटा चम्मच जीरा
आधा छोटा चम्मच काला नमक
स्वादानुसार सादा नमक
1 बड़ा चम्मच गुड़ या चीनी
1 छोटा चम्मच कच्चा सरसों का तेल
करौंदे की चटनी बनाने की आसान विधि
स्टेप 1: सबसे पहले करौंदों को अच्छी तरह साफ पानी से धो लें। इसके बाद उन्हें बीच से काटकर अंदर मौजूद बीज निकाल दें। बीज हटाने से चटनी का स्वाद बेहतर रहता है और उसमें कड़वाहट नहीं आती।
स्टेप 2: अब मिक्सर के जार में कटे हुए करौंदे, हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक और जीरा डाल दें।
स्टेप 3: इसके बाद इसमें स्वादानुसार सादा नमक, काला नमक और गुड़ या चीनी मिलाएं, ताकि चटनी में हल्का मीठा और खट्टा-तीखा स्वाद आ सके।
स्टेप 4: अब 2 से 3 चम्मच पानी डालकर सभी सामग्री को अपनी पसंद के अनुसार दरदरा या बारीक पीस लें।
स्टेप 5: तैयार चटनी को एक कटोरे में निकालें और ऊपर से एक छोटा चम्मच कच्चा सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिला दें। सरसों का तेल चटनी की खुशबू और स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ मानसून में पाचन के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
करौंदे की चटनी खाने के फायदे
विटामिन-सी से भरपूर
करौंदा विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसका नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है और बारिश के मौसम में होने वाले सर्दी, जुकाम तथा वायरल संक्रमण के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त
करौंदे में मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह पेट को स्वस्थ रखने, कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने और भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है।
एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत
इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में जमा हानिकारक फ्री-रेडिकल्स और टॉक्सिन्स के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं। इससे त्वचा की सेहत बेहतर बनी रहती है और शरीर को अंदर से पोषण मिलता है।
शरीर को दे प्राकृतिक सुरक्षा
करौंदे में मौजूद पोषक तत्व शरीर को मौसमी संक्रमणों से लड़ने की ताकत देते हैं। यही कारण है कि इसे मानसून के दौरान डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।
स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल
अगर आप रोजमर्रा के खाने में कुछ नया और पौष्टिक शामिल करना चाहते हैं, तो करौंदे की यह चटनी एक शानदार विकल्प है। इसे दाल-चावल, पराठे, रोटी या स्नैक्स के साथ परोसा जा सकता है। इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने का मजा बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को जरूरी पोषण भी प्रदान करता है।














