न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

कामाख्या मंदिर का रहस्यमयी कछुआ कुंड, दर्शन मात्र से पूरी होती हैं मनोकामनाएं

कामाख्या मंदिर का रहस्यमयी कछुआ कुंड एक पवित्र स्थल है, जहां दर्शन मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है। जानिए 200–300 साल पुराने कछुओं, कुर्म अवतार और इस कुंड के धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Fri, 26 Jun 2026 12:01:18

कामाख्या मंदिर का रहस्यमयी कछुआ कुंड, दर्शन मात्र से पूरी होती हैं मनोकामनाएं

कामाख्या मंदिर का कछुआ कुंड अपनी अद्भुत मान्यताओं और आध्यात्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। कहा जाता है कि यहां केवल दर्शन करने से ही भक्तों की इच्छाएं पूर्ण होने लगती हैं। इस पवित्र स्थल से जुड़ी आस्था इतनी गहरी है कि लोग दूर-दूर से यहां पहुंचकर 200 से 300 वर्ष पुराने कछुओं के दर्शन करते हैं। कुर्म अवतार की पौराणिक मान्यता और कछुआ कुंड की दिव्यता इसे और भी रहस्यमयी बना देती है। कामाख्या यात्रा के दौरान इस स्थान का दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है।

कामाख्या मंदिर देश के प्रमुख शक्ति पीठों में गिना जाता है। यह स्थान केवल तंत्र साधना और शक्ति उपासना के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अद्भुत कछुआ कुंड के लिए भी प्रसिद्ध है। इस कुंड में पाए जाने वाले कछुओं को बेहद पवित्र और चमत्कारी माना जाता है। भक्तों की मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती और जीवन की कई बाधाएं स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं।

कछुआ कुंड का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

मंदिर परिसर में स्थित यह कछुआ कुंड अत्यंत पवित्र स्थान के रूप में जाना जाता है। यहां का जल और उसमें विचरण करने वाले कछुए दोनों को दिव्य ऊर्जा से युक्त माना जाता है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर कछुओं को चावल, मूंग दाल और पुष्प अर्पित करते हैं। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि ये कछुए देवी कामाख्या की विशेष कृपा से संरक्षित हैं।

मान्यता यह भी है कि इस कुंड के दर्शन मात्र से संतान सुख, विवाह संबंधी बाधाओं का निवारण और आर्थिक समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही मानसिक शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति भी होती है। यह स्थान मंदिर की प्राचीन आध्यात्मिक शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

सदियों पुराने कछुओं का रहस्य

कछुआ कुंड में पाए जाने वाले कछुए अत्यंत प्राचीन माने जाते हैं, जिनकी उम्र लगभग 200 से 300 वर्ष तक बताई जाती है। ये कछुए आकार में बड़े और स्वभाव में अत्यंत शांत होते हैं, जो वर्षों से इसी पवित्र जल में निवास कर रहे हैं। इन्हें देखकर श्रद्धालु अक्सर आश्चर्य और श्रद्धा से भर जाते हैं।

पुजारियों के अनुसार, ये कछुए कई पीढ़ियों से यहां मौजूद हैं और प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद इनकी रक्षा स्वयं देवी द्वारा की जाती है। इनकी दीर्घायु को दिव्य आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है, जो इस स्थान की आध्यात्मिक शक्ति को और मजबूत करता है।

कुर्म अवतार से जुड़ी पौराणिक मान्यता

कछुआ कुंड का संबंध भगवान विष्णु के कुर्म अवतार से भी जोड़ा जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु ने कछुए का रूप धारण कर पूरी सृष्टि को आधार प्रदान किया था। इसी पौराणिक प्रसंग के कारण इस कुंड को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।

यहां पाए जाने वाले कछुओं को भी भगवान विष्णु के दिव्य अंश के रूप में देखा जाता है। इसलिए माना जाता है कि यहां किए गए दर्शन से विष्णु और शक्ति दोनों की कृपा प्राप्त होती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि कुंड में अर्पित किया गया भोग सीधे देवी-देवताओं तक पहुंचता है।

कछुआ कुंड से जुड़ी लोक आस्थाएं

इस पवित्र स्थान से कई लोक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। कहा जाता है कि जो भी भक्त यहां आकर सच्चे भाव से अपनी मनोकामना मांगता है, उसकी इच्छा शीघ्र पूरी होती है। विशेष रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्ति, विवाह में विलंब झेल रहे युवा और आर्थिक संकट से जूझ रहे लोग यहां विशेष रूप से आते हैं।

स्थानीय पुजारियों का मानना है कि यदि पूर्ण श्रद्धा के साथ पूजा की जाए तो कछुए अर्पित किए गए भोग को स्वीकार करते हैं, जिसे मनोकामना पूर्ण होने का संकेत माना जाता है। यह विश्वास इस स्थान की लोकप्रियता को और अधिक बढ़ाता है।

दर्शन और पूजन की सही विधि

कछुआ कुंड के दर्शन के लिए शुद्ध मन और सकारात्मक भावना का होना आवश्यक माना जाता है। सुबह का समय यहां दर्शन के लिए सबसे उत्तम माना गया है। भक्त यहां आकर कछुओं को चावल, मूंग दाल और फूल अर्पित करते हैं तथा मंत्रोच्चारण के साथ अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते हैं।

दर्शन पूर्ण होने के बाद कुंड के पवित्र जल से तिलक करने की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

कामाख्या मंदिर का यह कछुआ कुंड केवल एक जलकुंड नहीं, बल्कि गहरी आस्था, रहस्यमयी ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का संगम है। यहां आने वाला हर श्रद्धालु एक अलग ही शांति, विश्वास और सकारात्मक अनुभूति लेकर लौटता है।

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई दिल्ली पुलिस, प्रदर्शन स्थल कराया खाली
भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले गई दिल्ली पुलिस, प्रदर्शन स्थल कराया खाली
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया, बोले- 'दिल्ली पुलिस ने जबरन उठाया'
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया, बोले- 'दिल्ली पुलिस ने जबरन उठाया'
'मेरे साथ मारपीट की गई', हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके; जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
'मेरे साथ मारपीट की गई', हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके; जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल क्यों ले गई दिल्ली पुलिस? सामने आई बड़ी वजह
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल क्यों ले गई दिल्ली पुलिस? सामने आई बड़ी वजह
टीम इंडिया की बल्लेबाजी देखकर हैरान हुए इंग्लैंड कप्तान हैरी ब्रूक, बोले- 60 रन के भीतर 7 विकेट गंवाना हैरान करने वाला
टीम इंडिया की बल्लेबाजी देखकर हैरान हुए इंग्लैंड कप्तान हैरी ब्रूक, बोले- 60 रन के भीतर 7 विकेट गंवाना हैरान करने वाला
शादी के 15 साल बाद अलग हुए आदिनाथ कोठारे और उर्मिला कानिटकर, बेटी जिझा की साथ मिलकर करेंगे परवरिश
शादी के 15 साल बाद अलग हुए आदिनाथ कोठारे और उर्मिला कानिटकर, बेटी जिझा की साथ मिलकर करेंगे परवरिश
हार के बाद शुभमन गिल ने बताया कहां हुई चूक, खराब बल्लेबाजी को ठहराया सबसे बड़ा कारण
हार के बाद शुभमन गिल ने बताया कहां हुई चूक, खराब बल्लेबाजी को ठहराया सबसे बड़ा कारण
Tecno Camon 50 Ultra 5G भारत में लॉन्च, 50MP के तीन कैमरे और 6500mAh बैटरी से लैस, जानें कीमत और फीचर्स
Tecno Camon 50 Ultra 5G भारत में लॉन्च, 50MP के तीन कैमरे और 6500mAh बैटरी से लैस, जानें कीमत और फीचर्स
सूर्य-राहु के षडाष्टक योग से बढ़ेंगी मुश्किलें! अगले 30 दिन इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
सूर्य-राहु के षडाष्टक योग से बढ़ेंगी मुश्किलें! अगले 30 दिन इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
कटे हुए आलू को काला पड़ने से कैसे बचाएं? जानें कितनी देर तक रहेंगे ताजा और फ्रेश
कटे हुए आलू को काला पड़ने से कैसे बचाएं? जानें कितनी देर तक रहेंगे ताजा और फ्रेश
'OMG 2' की कहानी मेरी थी, लेकिन क्रेडिट नहीं मिला', परेश रावल का बड़ा दावा; बताया क्यों छोड़ी अक्षय कुमार की फिल्म
'OMG 2' की कहानी मेरी थी, लेकिन क्रेडिट नहीं मिला', परेश रावल का बड़ा दावा; बताया क्यों छोड़ी अक्षय कुमार की फिल्म
'अगर दोषी साबित हुआ तो अपनी जान दे दूंगा', अश्लील कंटेंट केस पर 5 साल बाद छलका राज कुंद्रा का दर्द
'अगर दोषी साबित हुआ तो अपनी जान दे दूंगा', अश्लील कंटेंट केस पर 5 साल बाद छलका राज कुंद्रा का दर्द
हर बार चिपचिपी बनती है भिंडी की सब्जी? अपनाएं ये आसान किचन टिप्स, बनेगी एकदम कुरकुरी और स्वादिष्ट
हर बार चिपचिपी बनती है भिंडी की सब्जी? अपनाएं ये आसान किचन टिप्स, बनेगी एकदम कुरकुरी और स्वादिष्ट
केले के छिलके से पाएं मुलायम और चमकदार बाल, एक्सपर्ट से जानें इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका
केले के छिलके से पाएं मुलायम और चमकदार बाल, एक्सपर्ट से जानें इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका