उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद कानून-व्यवस्था, सड़क संपर्क और किसानों से जुड़े मुद्दों पर बदलाव का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और बुनियादी ढांचे के विकास ने लोगों के आवागमन को पहले की तुलना में आसान बनाया है। सरकार का कहना है कि किसानों के लिए लागू योजनाओं और गन्ना भुगतान की व्यवस्था में भी सुधार हुआ है।
प्रदेश सरकार के मुताबिक, बदलाव को कानून-व्यवस्था से लेकर सड़कों और कृषि क्षेत्र तक अलग-अलग स्तरों पर देखा जा सकता है। सरकार ने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और अपराध से जुड़ी समस्याएं आम चर्चा का विषय थीं। वहीं, मौजूदा व्यवस्था में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है।
2017 से पहले कानून-व्यवस्था को लेकर क्या दावा किया गया
सरकार की ओर से 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा गया है कि उस दौर में प्रदेश की पहचान खराब कानून-व्यवस्था और गुंडागर्दी से जुड़ी हुई थी। सरकार के अनुसार, आए दिन दंगे होते थे और कई इलाकों में लंबे समय तक कर्फ्यू की स्थिति बनी रहती थी।
स्रोत सामग्री के मुताबिक, उस समय आम लोगों के साथ-साथ टैक्सी और ऑटो चालकों में भी सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बताया जाता था। मेरठ का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि वहां चोरी की गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे अलग करने और बेचने का कारोबार चलता था। आम लोगों की गाड़ियों के अलावा किसानों की भैंसा गाड़ियों और खेतों में लगी बिजली की मोटरों की चोरी की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है।
सरकार के अनुसार, उस समय खराब सड़कों की वजह से लोगों के लिए आवागमन भी मुश्किल था। इसके अलावा गन्ना किसानों के सामने फसल का उचित मूल्य और चीनी मिलों से समय पर भुगतान मिलने की समस्या बनी रहती थी। किसानों को अपना भुगतान हासिल करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का सरकार ने दिया उदाहरण
2017 के बाद राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था और विकास को प्राथमिकता देने की बात कही है। सरकार के मुताबिक, प्रदेश में अब कर्फ्यू और दंगों का वह दौर नहीं है, जिसका जिक्र 2017 से पहले की स्थिति के संदर्भ में किया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 14 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार के अनुसार, इन कैमरों के जरिए अपराधियों की पहचान और उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई में मदद मिल रही है।
सड़कों और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क बढ़ने का दावा
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास को भी राज्य में हुए बदलाव का एक प्रमुख हिस्सा बताया है। सरकार के अनुसार, गांवों को जिला मुख्यालयों और पड़ोसी राज्यों से जोड़ने के लिए फोर-लेन सड़कों और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार किया गया है।
सरकार का दावा है कि मौजूदा समय में देश के कुल एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। इसके चलते राज्य के भीतर और दूसरे राज्यों की ओर जाने वाले मार्गों पर यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की बात कही गई है।
गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर सरकार ने बताए आंकड़े
किसानों से जुड़े मुद्दों में गन्ना भुगतान को लेकर भी सरकार ने आंकड़े साझा किए हैं। प्रदेश सरकार के मुताबिक, फिलहाल उत्तर प्रदेश की 122 चीनी मिलें पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। इनमें 100 से अधिक चीनी मिलें किसानों को गन्ने का भुगतान चार दिनों के भीतर कर रही हैं।
सरकार के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में किसानों को कुल 3 लाख 30 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। इसे गन्ना किसानों को किया गया रिकॉर्ड भुगतान बताया गया है।
सरकार ने पिछली सरकारों के कार्यकाल का भी जिक्र करते हुए कहा है कि उस दौरान 29 चीनी मिलें बंद हो गई थीं। इसके विपरीत, मौजूदा व्यवस्था में किसानों को समय पर गन्ने की पर्ची, सही तौल और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
इस तरह उत्तर प्रदेश सरकार ने 2017 के बाद के बदलाव को कानून-व्यवस्था, सड़क एवं एक्सप्रेसवे नेटवर्क और गन्ना किसानों को भुगतान जैसे क्षेत्रों से जोड़कर प्रस्तुत किया है। सरकार की ओर से इन क्षेत्रों से जुड़े आंकड़ों के जरिए प्रदेश में आए बदलाव को रेखांकित किया गया है।













