जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का हिस्सा बनने के लिए हर बार मथुरा और वृंदावन जाना जरूरी नहीं है। दिल्ली में भी कई ऐसे मंदिर हैं, जहां इस पर्व के दौरान विशेष पूजा, भजन-कीर्तन, झांकियों और सजावट के जरिए भक्तिमय माहौल तैयार किया जाता है। राजधानी में रहने वाले लोग परिवार और दोस्तों के साथ इन मंदिरों में जाकर जन्माष्टमी के उत्सव का आनंद ले सकते हैं।
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में स्थित इन धार्मिक स्थलों पर जन्माष्टमी के दौरान कृष्ण जन्म से जुड़ी झांकियां, विशेष आरती और अन्य आयोजन श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। अगर इस बार आपका प्लान दिल्ली में ही जन्माष्टमी मनाने का है, तो इन 6 मंदिरों को अपनी लिस्ट में शामिल किया जा सकता है।
ईस्ट ऑफ कैलाश का इस्कॉन मंदिर
ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर जन्माष्टमी के अवसर पर खास आकर्षण बन जाता है। त्योहार के दौरान मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है, जिससे पूरा वातावरण उत्सव जैसा नजर आता है।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय रात 12 बजे होने वाली महाआरती यहां के प्रमुख आयोजनों में शामिल रहती है। इसके अलावा संकीर्तन और कृष्ण भजनों के बीच श्रद्धालु जन्मोत्सव में शामिल होते हैं। मंदिर में होने वाले धार्मिक आयोजन इसे जन्माष्टमी के लिए दिल्ली की प्रमुख जगहों में शामिल करते हैं।
बिड़ला मंदिर में कृष्ण की लीलाओं की झलक
कनॉट प्लेस के नजदीक स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, जिसे बिड़ला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जन्माष्टमी को पारंपरिक तरीके से मनाने के लिए जाना जाता है।
यहां भगवान कृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़े प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से दिखाया जाता है। मंदिर की सजावट के साथ भजन और कीर्तन का आयोजन भी होता है। परिवार के साथ जन्माष्टमी का माहौल देखने वालों के लिए यह जगह खास आकर्षण रखती है।
छतरपुर मंदिर में रोशनी और फूलों से सजता परिसर
महरौली स्थित छतरपुर मंदिर में भी जन्माष्टमी के मौके पर विशेष आयोजन किए जाते हैं। विशाल परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है, जिससे त्योहार की रौनक और बढ़ जाती है।
श्रद्धालुओं के लिए भजन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। रात में भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत अभिषेक किया जाता है और इसके बाद प्रसाद वितरण भी होता है। पूजा-पाठ के साथ उत्सवी वातावरण यहां आने वाले भक्तों को आकर्षित करता है।
प्रीत विहार का गुफा वाला मंदिर
पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार में स्थित गुफा वाला मंदिर अपनी अलग संरचना के लिए जाना जाता है। जन्माष्टमी के दौरान यहां कृष्ण लीलाओं पर आधारित झांकियां तैयार की जाती हैं, जो विशेष रूप से बच्चों और परिवारों का ध्यान खींचती हैं।
भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं को झांकियों के जरिए देखने का मौका मिलता है। मंदिर की सजावट और वहां होने वाले धार्मिक आयोजनों के कारण जन्माष्टमी के दौरान परिसर में उत्सव का माहौल बना रहता है।
अक्षरधाम में पूजा और आध्यात्मिक आयोजन
पांडव नगर क्षेत्र में स्थित अक्षरधाम मंदिर भी जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष आयोजन करता है। यहां भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को विशेष पूजा और महाआरती के साथ मनाया जाता है।
धार्मिक आयोजनों के साथ आध्यात्मिक प्रवचन भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का हिस्सा रहते हैं। जन्मोत्सव के दौरान पूजा और धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए भक्तों को आध्यात्मिक माहौल का अनुभव मिलता है।
पंजाबी बाग इस्कॉन में मटकी फोड़ का उत्सव
पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ कई सांस्कृतिक गतिविधियां भी होती हैं। यहां छप्पन भोग, फूलों की होली और मटकी फोड़ जैसे कार्यक्रम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
कृष्ण भजनों के दौरान भक्तों का उत्साह देखने को मिलता है। पूजा, भक्ति और उत्सव से जुड़े कार्यक्रमों के कारण जन्माष्टमी के दिन मंदिर परिसर में अलग तरह की रौनक नजर आती है।
मथुरा-वृंदावन नहीं जा पा रहे तो दिल्ली में मनाएं जन्माष्टमी
जन्माष्टमी पर मथुरा या वृंदावन जाना संभव नहीं है तो दिल्ली के ये मंदिर त्योहार मनाने का विकल्प बन सकते हैं। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद इन मंदिरों में पूजा-अर्चना से लेकर कृष्ण लीलाओं की झांकियों, भजन-कीर्तन और विशेष धार्मिक आयोजनों तक कई तरह की गतिविधियां होती हैं।
ऐसे में परिवार या दोस्तों के साथ दिल्ली में रहते हुए भी जन्माष्टमी के धार्मिक और उत्सवी माहौल का आनंद लिया जा सकता है।













