
हमारी दिनचर्या में कई बार ऐसे बदलाव होते हैं जिन्हें हम सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन शरीर से जुड़ी छोटी-सी गड़बड़ी भी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकती है। इन्हीं में से एक है यूरिन का रंग। आमतौर पर यूरिन हल्का पीला या पारदर्शी होता है, लेकिन यदि इसमें लालिमा दिखने लगे तो यह चिंता की बात हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिन का रंग कई कारणों से बदल सकता है। चुकंदर, ब्लूबेरी, ड्रैगन फ्रूट या कुछ दवाइयों का सेवन भी अस्थायी तौर पर यूरिन को लाल कर सकता है। लेकिन अगर बार-बार या लगातार यूरिन में खून दिखाई दे, तो इसे हेमाट्यूरिया (Hematuria) कहा जाता है, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
# यूरिन में लाल रंग आने के संभावित कारण
किडनी स्टोन (पथरी) – पथरी मूत्र मार्ग को खरोंच सकती है, जिससे ब्लीडिंग शुरू हो जाती है।
मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) – यूरिन करते समय जलन, दर्द और खून की मिलावट संक्रमण का नतीजा हो सकते हैं।
किडनी या ब्लैडर कैंसर – शुरुआती चरण में कैंसर का लक्षण अक्सर यूरिन में खून आने से प्रकट होता है।
किडनी से जुड़ी बीमारियां – जब गुर्दे ठीक से काम नहीं करते, तो यूरिन का रंग गाढ़ा या लाल हो सकता है।
चोट या खून जमने की समस्या – शरीर के अंदर लगी चोट या ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर भी कारण बन सकते हैं।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
अगर यूरिन का लाल रंग 1–2 दिन में अपने आप सामान्य न हो, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें। विशेषकर इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है –
तेज दर्द या जलन – पेशाब करते समय लगातार जलन या कमर और पेट में तेज दर्द होना पथरी या इंफेक्शन की तरफ इशारा कर सकता है।
बुखार – यूरिन के साथ बुखार आना, मूत्र मार्ग संक्रमण के बिगड़ने का संकेत हो सकता है।
अचानक वजन घटना – बिना डाइटिंग या मेहनत किए वजन का तेजी से घटना कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है।
बार-बार पेशाब आना – यदि आपको बार-बार यूरिन की आवश्यकता महसूस हो और उसके साथ खून भी आए, तो तुरंत जांच करवाना जरूरी है।
मतली और उल्टी – कई बार किडनी स्टोन या गंभीर संक्रमण के कारण शरीर उल्टी और कमजोरी के लक्षण दिखाता है।
सूजन – पैरों, आंखों या चेहरे पर सूजन किडनी के कामकाज में समस्या का संकेत हो सकती है।
याद रखें, इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना भविष्य में गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकता है। समय पर डॉक्टर से मिलना आपको सही इलाज दिलाने में मदद करेगा।
# बचाव के उपाय और जरूरी सावधानियां
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि थोड़ी-सी सावधानी बरतकर इस समस्या से बचा जा सकता है। इसके लिए ये उपाय अपनाएं –
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं – दिनभर में 8–10 गिलास पानी पिएं ताकि टॉक्सिन्स और बैक्टीरिया आसानी से शरीर से बाहर निकल जाएं।
संतुलित और पौष्टिक आहार लें – ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर डाइट किडनी और ब्लैडर को हेल्दी रखती है।
नमक और शराब का सेवन सीमित करें – ज्यादा नमक किडनी पर दबाव डालता है और शराब संक्रमण की संभावना बढ़ा सकती है।
स्वच्छता बनाए रखें – निजी अंगों की साफ-सफाई पर ध्यान दें ताकि UTI से बचा जा सके।
बार-बार होने वाले UTI को नजरअंदाज न करें – यदि संक्रमण बार-बार हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेकर पूरा इलाज कराएं।
नियमित स्वास्थ्य जांच – साल में कम से कम एक बार ब्लड और यूरिन टेस्ट करवाना किडनी और ब्लैडर की स्थिति जानने का सरल तरीका है।
तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें – यह इम्यून सिस्टम को मजबूत रखता है और संक्रमण से बचाव में मदद करता है।
# समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराते रहें।
यूरिन का लाल होना मामूली समस्या नहीं है। यह कई बार गंभीर बीमारियों की ओर इशारा करता है। इसलिए इसे सामान्य बदलाव समझकर न टालें। समय रहते जांच और इलाज कराना ही स्वास्थ्य सुरक्षित रखने का सबसे बेहतर तरीका है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














