
पीरियड्स, जिसे मासिक धर्म या माहवारी भी कहते हैं, महिलाओं के शरीर में एक प्राकृतिक और नियमित प्रक्रिया है। इस दौरान गर्भाशय की भीतरी परत (एंडोमेट्रियम) रक्त और ऊतकों के साथ बाहर निकलती है। सामान्यतः यह प्रक्रिया लड़कियों को 12 से 15 साल की उम्र के बीच शुरू होती है। हालांकि, मासिक धर्म को लेकर कई भ्रांतियां और सवाल भी हैं, जिनमें से एक सबसे ज्यादा जिज्ञासा का विषय है — क्या ट्रांसजेंडर महिलाओं को भी पीरियड्स आते हैं? यह सवाल तब और ज्यादा उभरता है जब कोई ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपनी कहानी सार्वजनिक करता है। हाल ही में क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी बनीं अनया बांगर ने सोशल मीडिया पर इस सवाल का खुलकर जवाब दिया है।
पीरियड्स को लेकर सामान्य भ्रांतियां और ट्रांसजेंडर सवाल
पीरियड्स के बारे में आम तौर पर लोगों के बीच कई गलतफहमियां पाई जाती हैं, खासकर जब बात ट्रांसजेंडर समुदाय की हो। यह सोच कि अगर किसी ट्रांसजेंडर महिला का शरीर पूरी तरह से महिलाओं जैसा हो गया, तो क्या उसे भी मासिक धर्म होगा, अक्सर भ्रम पैदा करती है। अनया बांगर ने इस भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि ट्रांसजेंडर महिलाओं को मासिक धर्म नहीं होता।
ट्रांसजेंडर महिलाओं के शरीर की जैविक संरचना और मासिक धर्म
अनया ने बताया कि ट्रांसजेंडर महिलाओं के शरीर में जन्मजात महिला शरीर की तरह अंडाशय और गर्भाशय नहीं होता। मासिक धर्म तो तब होता है जब गर्भाशय की भीतरी परत रक्तस्राव के जरिए निकलती है, जो ट्रांसजेंडर महिलाओं के शरीर में नहीं होता। इसलिए वे पीरियड्स का अनुभव नहीं कर पातीं। अनया ने यह भी कहा कि लोगों की सोच अक्सर यह मानती है कि ट्रांसजेंडर का मतलब हर शारीरिक प्रक्रिया में पूरी तरह महिला बन जाना है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।
मूड स्विंग्स और अन्य अनुभव
हालांकि ट्रांसजेंडर महिलाओं को मासिक धर्म नहीं होता, लेकिन वे महिलाओं की तरह मूड स्विंग्स का अनुभव कर सकती हैं। यह हार्मोनल बदलावों से जुड़ा होता है और इसमें पीरियड्स की तरह दर्द या रक्तस्राव शामिल नहीं होता। अनया ने कहा कि इस विषय पर खुलकर चर्चा करना ज़रूरी है ताकि समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति समझदारी और संवेदनशीलता बढ़े।
क्या ट्रांसजेंडर पुरुषों को मासिक धर्म होता है?
ट्रांसजेंडर पुरुष, यानी वे लोग जिन्हें जन्म के समय महिला के रूप में पहचाना गया था लेकिन उन्होंने पुरुष के रूप में अपनी पहचान बनाई है, उन्हें मासिक धर्म हो सकता है यदि उनके शरीर में गर्भाशय और अंडाशय मौजूद हों। कई ट्रांसजेंडर पुरुष हार्मोन थेरेपी के तहत टेस्टोस्टेरोन लेते हैं, जो मासिक धर्म को रोक सकती है या बंद कर सकती है। इसलिए ट्रांसजेंडर पुरुषों में मासिक धर्म होना या न होना व्यक्तिगत हार्मोनल उपचार और शरीर की जैविक स्थिति पर निर्भर करता है।
ट्रांसजेंडर महिलाओं को जैविक कारणों से मासिक धर्म नहीं होता, लेकिन ट्रांसजेंडर पुरुषों को हो सकता है यदि उनके शरीर में महिला प्रजनन अंग मौजूद हों। यह समझना जरूरी है कि ट्रांसजेंडर होना केवल शारीरिक परिवर्तन या पहचान का विषय नहीं है, बल्कि इसमें जैविक और हार्मोनल पहलुओं का भी बड़ा योगदान होता है। इस विषय पर खुली बातचीत और सही जानकारी समाज में समानता और सम्मान बढ़ाने में मदद करती है।














