
हम सभी ने बचपन से यह जाना है कि सिगरेट पीना कैंसर, खासतौर पर फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण है। यह भी बताया गया है कि यह दिल को नुकसान पहुंचाता है और जीवन की गुणवत्ता को कम करता है। लेकिन हाल ही में सामने आई एक शोध रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि सिगरेट का असर शरीर के एक और बेहद अहम हिस्से – रीढ़ की हड्डी – पर भी पड़ता है।
नवीनतम अध्ययन में सामने आया चौंकाने वाला पहलू
इस नई रिसर्च के अनुसार, धूम्रपान में मौजूद निकोटीन और विषैले तत्व रक्त संचार को धीमा कर देते हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। परिणामस्वरूप, रीढ़ की हड्डी में मौजूद डिस्क समय से पहले घिसने लगती हैं, जिससे पीठ और कमर में तेज दर्द, चलने-फिरने में कठिनाई, और कई बार डिस्क स्लिप जैसी गंभीर समस्याएं जन्म ले सकती हैं।
निकोटीन कैसे नुकसान पहुंचाता है रीढ़ को?
सिगरेट पीने से शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति प्रभावित होती है। इससे इंटरवर्टिब्रल डिस्क (रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद कुशन जैसी संरचनाएं) को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। निकोटीन इन डिस्क की कोशिकाओं को नष्ट करता है, जिससे उनमें सूजन, दर्द, और संरचनात्मक क्षति बढ़ती है। समय के साथ डिस्क पतली हो जाती हैं और रीढ़ की लचक और मजबूती में कमी आती है।
शोधकर्ताओं की राय क्या कहती है?
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना में की गई एक स्टडी के अनुसार, रीढ़ की हड्डी की डिस्क लगातार खुद को मरम्मत और पुनर्निर्माण करने की प्रक्रिया में रहती हैं। लेकिन सिगरेट में मौजूद हानिकारक रसायन इन पुनर्योजन प्रक्रियाओं में बाधा उत्पन्न करते हैं, जिससे डिस्क की उम्र समय से पहले खत्म हो जाती है।
इस स्टडी में एक विशेष प्रयोग के तहत एक ही परिवार के जुड़वां भाइयों पर रिसर्च की गई, जिनमें से एक धूम्रपान करता था और दूसरा नहीं। MRI स्कैन के जरिए पाया गया कि सिगरेट पीने वाले जुड़वां की Lumbar Spine (कमर की रीढ़) में डिस्क डीजेनेरेशन की दर करीब 18% अधिक थी। यह परिणाम इस बात का प्रमाण है कि सिगरेट का प्रभाव केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी रीढ़ पर होता है।
किसे सबसे ज्यादा खतरा?
इस शोध में यह भी सामने आया कि कुछ वर्ग के लोगों में रीढ़ की समस्या का खतरा और भी अधिक है:
- वे लोग जो दैनिक रूप से धूम्रपान करते हैं
- जिनकी धूम्रपान की आदत 10 साल या उससे अधिक पुरानी है
- जिनकी जीवनशैली निष्क्रिय है और आहार में पोषण की कमी है
कैसे बचें इस जोखिम से?
अगर आप भी लंबे समय से सिगरेट का सेवन कर रहे हैं, तो अब वक्त है सजग होने का। यहां कुछ उपाय दिए गए हैं, जो रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं:
- सिगरेट को पूरी तरह छोड़ दें – यही सबसे असरदार तरीका है
- अपने आहार में कैल्शियम, विटामिन D और मिनरल्स शामिल करें
- रोजाना हल्का-फुल्का योग, स्ट्रेचिंग या वॉकिंग करें
- अगर पीठ, कमर या गर्दन में लगातार दर्द हो, तो डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें
- रीढ़ की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है जितनी दिल और फेफड़ों की
धूम्रपान केवल कैंसर या हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का कारण नहीं है, बल्कि यह रीढ़ की मजबूती को भी धीरे-धीरे खत्म करता है। शोध इस ओर इशारा करते हैं कि लंबे समय तक सिगरेट पीना डिस्क डीजेनेरेशन को तेज कर सकता है, जिससे व्यक्ति की गतिशीलता और जीवनशैली पर गहरा असर पड़ता है।
इसलिए, यदि आप अपने शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ, संतुलित और सक्रिय बनाए रखना चाहते हैं, तो सिगरेट को अलविदा कहने का समय अब आ गया है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














