
गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जब मां अपनी हर छोटी-बड़ी आदत में बदलाव लाती है ताकि गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर कोई आंच न आए। खान-पान से लेकर दवाइयों तक हर चीज़ पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी बीच अमेरिका में प्रेग्नेंट महिलाओं द्वारा ली जाने वाली दर्द निवारक दवा टाइलेनॉल (Tylenol) को लेकर एक बड़ा विवाद छिड़ गया है। दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बयान दिया है कि गर्भवती महिलाओं को टाइलेनॉल जैसी पेनकिलर दवाओं से बचना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन और ऑटिज्म के बीच किसी प्रकार का संबंध हो सकता है। उनके इस बयान ने चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी। कई डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के दावे बिना ठोस सबूत के महिलाओं को गुमराह कर सकते हैं।
दर्द मिटाने का आसान तरीका या छिपा खतरा?
टाइलेनॉल, जिसे आमतौर पर पैरासिटामोल (Paracetamol) कहा जाता है, सिरदर्द, बुखार, दांत दर्द या मांसपेशियों के दर्द के लिए सबसे अधिक दी जाने वाली दवाओं में से है। दुनियाभर में इसे सुरक्षित दवा माना जाता रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसे रोज़मर्रा की तकलीफ़ों के लिए इस्तेमाल करते हैं।
गर्भस्थ शिशु पर क्या होगा असर?
अब तक अधिकांश चिकित्सकों का कहना है कि गर्भावस्था में टाइलेनॉल लेने से सीधे तौर पर बच्चे पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं देखा गया। लेकिन कुछ रिसर्च यह संकेत देती हैं कि लंबे समय तक और अधिक मात्रा में इसका सेवन भ्रूण में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को प्रभावित कर सकता है। यह आगे चलकर बच्चे की प्रजनन क्षमता या विकास प्रक्रिया पर असर डाल सकता है।
सुरक्षित विकल्प क्या अपनाएं?
गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे अहम बात यह है कि किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। हल्के दर्द या बुखार की स्थिति में प्राकृतिक उपाय बेहतर विकल्प हो सकते हैं, जैसे—
- पर्याप्त आराम लेना
- पानी की सही मात्रा पीना
- सिरदर्द या बुखार में ठंडे पानी की पट्टियां लगाना
- ये तरीके बिना दवा के भी आराम दिला सकते हैं।
पेनकिलर और ऑटिज्म का रिश्ता?
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि टाइलेनॉल या एसिटामिनोफेन जैसी दवाओं का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के खतरे से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इस विषय पर अभी निर्णायक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं और विशेषज्ञ मानते हैं कि और गहन अध्ययन की आवश्यकता है। यही कारण है कि गर्भवती महिलाओं को पेनकिलर तभी लेना चाहिए जब डॉक्टर इसकी अनुमति दें और वह भी सीमित मात्रा में।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














