
गर्भावस्था एक महिला के जीवन का बेहद खास और भावनात्मक दौर होता है। इन नौ महीनों में शरीर और मन दोनों ही कई बदलावों से गुजरते हैं। ऐसे समय में अक्सर यह सवाल उठता है कि ट्रैवल करना सुरक्षित है या नहीं। कुछ लोग प्रेग्नेंसी के दौरान यात्रा करने से मना करते हैं, जबकि वास्तव में यह पूरी तरह असंभव नहीं है। सही सावधानियां बरतकर आप फैमिली ट्रिप का आनंद ले सकती हैं या अपने पार्टनर के साथ बेबीमून प्लान कर सकती हैं। बस आपको अपनी और अपने बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।
यात्रा का उचित समय चुनना है सबसे महत्वपूर्ण
अगर आप प्रेगनेंसी में कहीं बाहर जाने का सोच रही हैं, तो सबसे पहले सही समय पर ध्यान दें। चिकित्सकों के अनुसार दूसरा ट्राइमेस्टर यानी 13 से 28 हफ्ते का समय ट्रैवलिंग के लिए आदर्श माना जाता है। इस दौरान मॉर्निंग सिकनेस कम हो जाती है और ऊर्जा भी बेहतर रहती है। वहीं गर्भावस्था के अंतिम महीनों में ट्रैवल न केवल थकाने वाला हो सकता है बल्कि कई एयरलाइंस 34 सप्ताह के बाद सुरक्षा कारणों से यात्रा की अनुमति भी नहीं देतीं। इसके अलावा शुरुआती तीन महीने (फर्स्ट ट्राइमेस्टर) में भी यात्रा करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इस समय शरीर में अचानक बदलाव होते हैं और उल्टी, थकान या कमजोरी जैसी दिक्कतें बनी रहती हैं। यही वजह है कि डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि यदि ज़रूरी काम या ट्रिप करनी हो, तो उसे सेकेंड ट्राइमेस्टर के दौरान ही शेड्यूल करें। इस समय मां और बच्चे दोनों के लिए सफर अपेक्षाकृत सुरक्षित और आरामदायक माना जाता है।
सफर का साधन चुनें सोच-समझकर
आरामदायक और सुरक्षित यात्रा के लिए ट्रांसपोर्ट का चुनाव बेहद अहम है। छोटे सफर के लिए कार एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें आप अपनी सुविधा के अनुसार ब्रेक लेकर थोड़ा टहल सकती हैं। वहीं लंबी दूरी के लिए ट्रेन या फ्लाइट का विकल्प चुनना अधिक सुविधाजनक होगा। कोशिश करें कि सफर में ऐसी सीट मिल सके जहां आपको आराम से बैठने और पैरों को फैलाने की जगह मिले। साथ ही, ध्यान रखें कि कार में सफर करते समय हमेशा सीट बेल्ट पहनें और बेल्ट का स्ट्रैप पेट पर बहुत कसकर न बांधें, बल्कि उसे कंधे और छाती से क्रॉस करते हुए पेट के नीचे की तरफ रखें। ट्रेन से यात्रा करते समय कोशिश करें कि निचली बर्थ या आसान एक्सेस वाली सीट ही चुनें, ताकि बार-बार चढ़ने-उतरने की दिक्कत न हो। फ्लाइट में यात्रा करते समय आइल सीट (गलियारे वाली सीट) आपके लिए बेहतर रहेगी, क्योंकि इससे उठकर चलना और टॉयलेट तक पहुंचना आसान हो जाता है। साथ ही, लंबी उड़ानों में समय-समय पर थोड़ा टहलना और पैरों को हिलाते रहना ब्लड सर्कुलेशन के लिए अच्छा रहता है।
ट्रैवल बैग में रखें ये जरूरी चीजें
गर्भावस्था में यात्रा के समय आपका बैग हमेशा सुसज्जित होना चाहिए। इसमें डॉक्टर द्वारा दी गई सभी दवाइयाँ, आपकी मेडिकल रिपोर्ट्स और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर होना जरूरी है। इसके अलावा एनर्जी बनाए रखने के लिए हेल्दी स्नैक्स जरूर रखें, जैसे ड्राई फ्रूट्स, प्रोटीन बार या ताजे फल। पानी और अन्य ड्रिंक्स अपने पास रखें ताकि शरीर डिहाइड्रेशन से बचे।
कपड़ों की पैकिंग में ढीले-ढाले और आरामदायक आउटफिट्स व हल्के फुटवियर शामिल करें, जिससे यात्रा आरामदायक बने। साथ ही, एक छोटा ट्रैवल पिलो और शॉल या हल्का कंबल भी रखें ताकि सफर के दौरान आराम से सोया जा सके। हैंड सैनिटाइज़र, वेट वाइप्स और टिश्यू हमेशा साथ रखें ताकि स्वच्छता बनी रहे। इसके अलावा, जरुरत पड़ने पर यूज़ करने के लिए पेन, नोटपैड और थोड़ा कैश भी अपने पास रखें।
अगर सफर लंबा है, तो एक अतिरिक्त जोड़ी कपड़े और जरूरी टॉयलेटरीज़ (जैसे टूथब्रश, फेस वॉश, हैंड क्रीम और लिप बाम) भी पैक कर लें। इससे अचानक रुकने या देरी होने की स्थिति में आपको परेशानी नहीं होगी।
सफर के दौरान बरतें ये सावधानियां
यात्रा शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना कभी न भूलें और उनके बताए निर्देशों का पालन करें। सफर के दौरान भारी सामान खुद उठाने से बचें, इसके लिए परिवार या स्टाफ की मदद लें। कोशिश करें कि लंबी यात्रा में एक ही पोज़िशन में लगातार न बैठें, हर 1-2 घंटे में थोड़ी वॉक करें या पैरों को स्ट्रेच करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहेगा और सूजन या थकान कम होगी।
कंफर्टेबल सीट का चुनाव करें, खासकर ऐसी जगह जहाँ पैरों को फैलाने की जगह मिल सके। हेल्दी और साफ-सुथरा खाना खाएं तथा बाहर का ऑयली या मसालेदार फूड लेने से बचें, ताकि पेट से जुड़ी परेशानी न हो। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
सफर के दौरान ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों और संक्रमण के जोखिम से बचें। यदि फ्लाइट से जा रही हैं तो सीट बेल्ट हमेशा पेट के नीचे और ढीले तरीके से बांधें। हल्की सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, पेट में तेज दर्द या ब्लीडिंग जैसी कोई भी असामान्य स्थिति हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और नजदीकी मेडिकल हेल्प लें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














