
गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में उल्टी और मितली सामान्य मानी जाती है। लेकिन कुछ महिलाओं में यह समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि उन्हें हाइपरमेसिस ग्राविडारम (Hyperemesis Gravidarum – HG) नामक रोग हो जाता है। यह सिर्फ शारीरिक परेशानी नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। हाल ही में द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन में यह पाया गया कि HG महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है और उनका दिमाग प्रभावित कर सकता है।
HG: सामान्य मितली से अलग
HG की स्थिति में महिलाओं को लगातार उल्टी और मितली होती रहती है। इससे डीहाइड्रेशन, वजन घटने और पोषण की कमी जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। यह आमतौर पर गर्भावस्था के पहले ट्राइमेस्टर में दिखाई देती है। अधिकतर मामलों में दूसरी तिमाही तक लक्षण कम हो जाते हैं, लेकिन इस दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव गंभीर रहता है।
मानसिक स्वास्थ्य पर HG का प्रभाव
अध्ययन में दुनिया भर की 477,000 महिलाओं की जानकारी का विश्लेषण किया गया। 18 देशों और 135 हेल्थकेयर संस्थानों से डेटा एकत्रित किया गया। अध्ययन में देखा गया कि HG वाली महिलाओं में 24 अलग-अलग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा हुआ था।
विशेष रूप से, HG वाली महिलाओं में डिप्रेशन का जोखिम लगभग तीन गुना अधिक पाया गया। यह स्पष्ट करता है कि HG सिर्फ शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती है।
शारीरिक गंभीरता और मानसिक स्वास्थ्य का संबंध
अध्ययन ने यह भी दिखाया कि HG की शारीरिक गंभीरता और मानसिक स्वास्थ्य के परिणामों का सीधा संबंध नहीं है। डॉ. थॉमस पोलाक का कहना है कि यह समस्या केवल कुछ महिलाओं में गंभीर रूप से देखने को मिलती है। इसलिए, समय पर पहचान और डॉक्टर से संपर्क बेहद जरूरी है।
HG से बचाव और देखभाल
- शुरुआती लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह लें।
- हाइड्रेशन और संतुलित आहार का ध्यान रखें।
- आवश्यकता पड़ने पर काउंसलिंग लें।
- Vitamin B1 deficiency जैसी गंभीर स्थितियों पर ध्यान दें।
- परिवार और पार्टनर का सहयोग मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है।
HG केवल गर्भावस्था का सामान्य हिस्सा नहीं है। यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसे समय रहते पहचानना और सही तरीके से प्रबंधित करना जरूरी है। महिलाओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उनका मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका शारीरिक स्वास्थ्य।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














