
तेज रफ्तार जिंदगी ने हमारी दिनचर्या के साथ-साथ खान-पान की आदतों को भी पूरी तरह बदल दिया है। लेकिन इन बदलावों के कारण सेहत की कई समस्याएं जन्म ले रही हैं, जिनमें से एक आम और कष्टदायक समस्या है पाइल्स, जिसे आम बोलचाल में बवासीर भी कहा जाता है। इस रोग में गुदा (एनस) के अंदर या बाहर सूजन हो जाती है, जिससे मस्से बनते हैं और मलत्याग के दौरान तेज दर्द, जलन और खून आने जैसी परेशानियां होती हैं।
आयुर्वेद और आयुर्विज्ञान दोनों की सलाह है कि पाइल्स से पीड़ित लोगों को अपनी डाइट में कुछ खास चीजों से बचाव करना चाहिए। अनजाने में ऐसी चीजें खाने से स्थिति और खराब हो सकती है। आइए जानते हैं वे 5 खाद्य पदार्थ जिनका सेवन पाइल्स रोगियों को बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
1. मसालेदार (स्पाइसी) भोजन से बचें
मसालेदार खाना सामान्य लोगों के लिए भी कभी-कभी नुकसानदेह हो सकता है, लेकिन पाइल्स वाले लोगों के लिए यह और भी खतरनाक होता है। अत्यधिक तीखा, खट्टा या मसालेदार भोजन जैसे लाल मिर्च, गरम मसाला, अचार, तीखी चटनी, प्याज और अदरक जैसी चीजें पाचन तंत्र को परेशान कर सकती हैं। ये भोजन मलाशय में सूजन, जलन, खुजली और खून बहने की समस्या को तेज कर देते हैं। इसके अलावा, मसालेदार भोजन खाने से पेट में एसिडिटी और गैस की समस्या भी बढ़ सकती है, जो पाइल्स के दर्द को और गंभीर बना देती है। पाचन तंत्र पर इसका नकारात्मक प्रभाव होता है जिससे मलत्याग के दौरान जलन और असुविधा महसूस होती है। इसलिए पाइल्स के दौरान मसालेदार भोजन से पूरी तरह बचना चाहिए और अपने आहार में हल्के, सुपाच्य और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करना चाहिए ताकि पाचन बेहतर हो और आराम मिले।
2. तला-भुना (फ्राइड) खाना न लें
तली हुई चीजें पाचन तंत्र पर भारी पड़ती हैं और कब्ज की समस्या को बढ़ावा देती हैं, जो पाइल्स (बवासीर) के सबसे प्रमुख कारणों में से एक है। फ्राइड फूड में वसा की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन को धीमा कर देती है और मल को सख्त बना देती है, जिससे मलत्याग के दौरान दर्द और रक्तस्राव की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, फास्ट फूड, प्रोसेस्ड और डीप फ्राइड फूड में आवश्यक फाइबर और पोषक तत्वों की कमी होती है, जो कब्ज और सूजन को और गंभीर कर सकते हैं। ऐसे भोजन से शरीर में सूजन भी बढ़ती है, जिससे बवासीर की समस्या और तीव्र हो जाती है। इसलिए, पाइल्स से पीड़ित लोगों को चाहिए कि वे तले-भुने और भारी भोजन से बचें और अपनी डाइट में अधिक फाइबरयुक्त, सुपाच्य और हल्के भोजन को शामिल करें ताकि पाचन तंत्र स्वस्थ रहे और राहत मिल सके।
3. चाय और कॉफी का सेवन कम करें
चाय और कॉफी में पाए जाने वाला कैफीन शरीर से पानी को तेजी से बाहर निकालता है, जिससे शरीर में निर्जलीकरण (डीहाइड्रेशन) की समस्या हो सकती है। निर्जलीकरण के कारण मल सख्त हो जाता है और कब्ज की समस्या उत्पन्न होती है, जो पाइल्स (बवासीर) के लक्षणों को और बढ़ा सकती है। इसके अलावा, कैफीन पाचन तंत्र को उत्तेजित कर सकता है, जिससे मलाशय में जलन और असुविधा महसूस होती है। इसलिए पाइल्स के मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे चाय और कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में ही करें और दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर हाइड्रेटेड रहें ताकि पाचन सही बना रहे और कब्ज की समस्या से बचा जा सके।
4. मीठे पदार्थों से परहेज करें
अत्यधिक चीनी और प्रोसेस्ड मीठे खाद्य पदार्थ पाचन तंत्र की कार्यक्षमता को कम कर देते हैं, जिससे कब्ज की समस्या और बढ़ सकती है। चीनी शरीर में सूजन को बढ़ावा देती है और निर्जलीकरण का कारण भी बन सकती है, जिससे पाइल्स की तकलीफ और ज्यादा बढ़ जाती है। इसके अलावा, ज्यादा शक्कर वाले खाद्य पदार्थ शरीर में इन्फ्लेमेशन बढ़ाकर गुदा क्षेत्र की सूजन को और तीव्र कर सकते हैं, जिससे दर्द और असुविधा में वृद्धि होती है। इसलिए पाइल्स के रोगियों को मीठे पदार्थों का सेवन कम से कम करना चाहिए और प्राकृतिक मिठास जैसे फल या शहद का विकल्प चुनना बेहतर रहता है।
5. अत्यधिक नमक और मसाले का सेवन न करें
नमक और तीखे मसाले का अधिक मात्रा में सेवन शरीर में जलन और सूजन को बढ़ाता है, जिससे पाइल्स की समस्या और गंभीर हो सकती है। ये तत्व मलाशय की संवेदनशील त्वचा को और ज्यादा परेशान कर देते हैं, जिससे जलन, खुजली और दर्द में वृद्धि होती है। खासकर पाइल्स के दौरान मसालेदार और नमकीन चीजें खाने से गुदा क्षेत्र में सूजन बढ़ सकती है, जो दर्दनाक अनुभव पैदा करती है। इसलिए पाइल्स से ग्रस्त लोगों को अपनी डाइट में नमक और मसालों का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए ताकि सूजन और तकलीफ कम रहे।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














