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क्या आप अपने कुत्ते को बिस्तर पर सुलाते हैं?, डॉक्टर्स ने बताए गंभीर स्वास्थ्य खतरे

पालतू कुत्ते को अपने बिस्तर पर सुलाना प्यारा लग सकता है, लेकिन डॉक्टर्स के अनुसार यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। जानें इसके संभावित जोखिम, एलर्जी, संक्रमण और नींद पर असर, साथ ही सुरक्षा उपाय।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 19 Aug 2025 10:36:01

क्या आप अपने कुत्ते को बिस्तर पर सुलाते हैं?, डॉक्टर्स ने बताए गंभीर स्वास्थ्य खतरे

आज के समय में पालतू कुत्ते सिर्फ घर के पहरेदार नहीं बल्कि परिवार का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। लोग अपने डॉग्स को बच्चों की तरह प्यार करते हैं, उनके साथ खेलते हैं, खाना खाते हैं और कई बार उन्हें अपने बिस्तर पर भी सुला लेते हैं। यह आदत सुनने में तो बहुत प्यारी और भावनात्मक लगती है, लेकिन डॉक्टर्स का मानना है कि कुत्ते को अपने बेड पर सुलाना सेहत के लिए कई बार खतरनाक साबित हो सकता है।

क्यों लोग अपने कुत्ते को बिस्तर पर सुलाते हैं?

- प्यार और अपनापन जताने के लिए
- कुत्ते को अकेलापन महसूस न हो
- ठंड के मौसम में गर्माहट पाने के लिए
- सुरक्षा और मानसिक सुकून के लिए

डॉक्टर्स की चेतावनी


डॉक्टर्स का कहना है कि कुत्ते को बिस्तर पर लाने से कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं:

एलर्जी का खतरा: कुत्तों के बाल, डैंडर और उनकी त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया एलर्जी और सांस संबंधी समस्याएँ पैदा कर सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे संपर्क में रहने से अस्थमा, नाक बंद होना, छींकें और खांसी जैसी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।

संक्रमण का रिस्क: कुत्ते अक्सर बाहर मिट्टी, पानी और गंदगी में घूमते हैं, जिससे उनके पंजों और फर पर बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी चिपक जाते हैं। ये सीधे आपके बिस्तर पर पहुँचकर फूड पॉइजनिंग, पेट की समस्याएँ या त्वचा संबंधी संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

नींद में खलल: रात में कुत्ते करवट बदलते रहते हैं, शोर करते हैं या अचानक उठते हैं, जिससे आपकी नींद बार-बार टूट सकती है। नींद की कमी से ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल, थकान और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।

त्वचा रोग: कुत्तों की स्किन पर मौजूद फंगस, लूज हेर, कीड़े या अन्य त्वचा संबंधी रोग मनुष्य तक पहुंच सकते हैं। इससे खुजली, लालिमा, रैशेस और अन्य त्वचा संक्रमण हो सकते हैं।

इम्यून सिस्टम पर असर: छोटे बच्चे, बुजुर्ग और जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो, उनके लिए कुत्तों से आने वाले संक्रमण अधिक खतरनाक हो सकते हैं। यह उनकी प्राकृतिक सुरक्षा क्षमता को कमजोर कर सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकता है।

सांस की समस्या: कुत्तों की गंदगी और डैंडर से सांस संबंधी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। खासकर यदि आपको पहले से ही अस्थमा, एलर्जी या ब्रोंकाइटिस जैसी समस्या है, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।

सफाई और स्वच्छता संबंधी जोखिम: यदि कुत्ता नियमित रूप से नहाया नहीं गया है या उसके फर और पंजे साफ नहीं हैं, तो बैक्टीरिया और कीटाणु आपके बिस्तर पर जमा हो सकते हैं, जिससे पूरी रात आपके संपर्क में रहने का खतरा बढ़ जाता है।

किन लोगों को खासतौर पर सावधान रहना चाहिए?

जिन्हें अस्थमा या एलर्जी की समस्या हो: कुत्तों के बाल, डैंडर और त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया सांस संबंधी परेशानियाँ और एलर्जी बढ़ा सकते हैं। अस्थमा या नाक/गला की एलर्जी वाले लोगों को इससे गंभीर सर्दी-जुकाम, छींक, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

बच्चों और बुजुर्ग जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो: कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी से होने वाले संक्रमण खतरनाक साबित हो सकते हैं। उनकी प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली कमजोर होने के कारण छोटी-सी समस्या भी गंभीर हो सकती है।

प्रेग्नेंट महिलाएं: गर्भावस्था के दौरान महिला का इम्यून सिस्टम थोड़ी कमजोर स्थिति में रहता है। इस वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कुत्ते से आने वाले बैक्टीरिया या परजीवी, जैसे टॉक्सोप्लाज़्मा, गर्भवती महिला और भ्रूण दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

त्वचा रोग से पीड़ित लोग: यदि किसी व्यक्ति को पहले से फंगल या बैक्टीरियल त्वचा रोग है, तो कुत्ते के बाल या फर के संपर्क से संक्रमण और फैल सकता है। खुजली, लालिमा, रैशेस या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।

एलर्जी की ओर प्रवृत्त व्यक्ति:
यदि परिवार में किसी को सामान्यतः धूल, परागकण या पशु एलर्जी की प्रवृत्ति है, तो कुत्ते को बिस्तर पर सुलाना समस्या बढ़ा सकता है। यह एलर्जी का स्तर बढ़ाकर लगातार स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

सांस संबंधी पूर्व समस्या वाले लोग: ब्रोंकाइटिस, साइनस या अन्य फेफड़ों की पुरानी समस्याओं वाले लोग कुत्तों से फैलने वाले एलर्जी और परजीवी के संपर्क में आने पर अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।

प्रतिरक्षा प्रणाली पर दबाव वाले लोग: कीमोथेरेपी, इम्यूनोसप्रेसिव दवा या किसी गंभीर बीमारी के कारण प्रतिरक्षा कमजोर व्यक्ति कुत्तों से आने वाले संक्रमण के लिए बेहद जोखिम में होते हैं।

अगर फिर भी कुत्ते को बेड पर सुलाना है तो क्या सावधानियाँ बरतें?

कुत्ते को रोजाना नहलाएं और फर की सफाई रखें: पालतू जानवरों को नियमित रूप से नहलाना जरूरी है ताकि उनके फर में जमी धूल, मिट्टी और कीटाणु हट जाएँ। साबुन या शैम्पू का इस्तेमाल करें जो कुत्ते की त्वचा के लिए सुरक्षित हो।

पंजों और पैरों की सफाई:
कुत्ते के पंजों में बाहर की मिट्टी, गंदगी और बैक्टीरिया चिपक जाते हैं। बेड पर चढ़ाने से पहले पंजों को अच्छे से धोना और सुखाना जरूरी है।

अलग कंबल या बेडशीट का इस्तेमाल करें: कुत्ते के लिए अलग कंबल, बेडशीट या पोशाक का प्रयोग करें। यह न सिर्फ आपकी सफाई बनाए रखेगा बल्कि कंबल को नियमित धोकर संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।

नियमित वैक्सिनेशन और डिवार्मिंग: कुत्ते की वैक्सिनेशन समय पर कराएं और डिवार्मिंग (कीड़ों का उपचार) नियमित रूप से कराना न भूलें। इससे बैक्टीरिया और परजीवी के खतरे कम होंगे।

नींद के समय दूरी बनाए रखें:
कुत्ते को बिस्तर पर सुलाने के बावजूद यह सुनिश्चित करें कि वह आपके सिर के पास न सोए। यह न सिर्फ सांस लेने की समस्या को कम करता है, बल्कि नींद में खलल भी घटाता है।

घर और बेडरूम को साफ रखें: बिस्तर और आसपास का क्षेत्र हमेशा साफ रखें। बेडशीट, तकिए और कंबल को कम से कम सप्ताह में एक बार धोना चाहिए।

कुत्ते के स्वास्थ्य की निगरानी करें: पालतू का स्वास्थ्य हमेशा ठीक रखें। यदि कुत्ते को स्किन एलर्जी, कीटाणु या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो उसे बेड पर न लाएं।

एलर्जी या संवेदनशीलता वाले परिवार वालों से दूरी बनाए रखें: यदि परिवार में कोई एलर्जी या अस्थमा से पीड़ित है, तो कुत्ते को उनके पास नहीं आने दें और बिस्तर पर लाने से पहले पूरी सावधानी बरतें।

फर्नीचर पर रोक और सीमाएं तय करें: कुत्ते को केवल निर्धारित हिस्से में सोने दें। यह आदत कुत्ते के लिए अनुशासन बनाए रखने में मदद करेगी और स्वास्थ्य जोखिम कम करेगी।

हवादार कमरा और उचित तापमान: बेडरूम में अच्छी वेंटिलेशन और संतुलित तापमान बनाए रखें। यह न केवल आपके लिए बल्कि कुत्ते के लिए भी आरामदायक और सुरक्षित वातावरण बनाएगा।

कुत्ते को अपने बिस्तर पर सुलाना भावनात्मक रूप से सुखद हो सकता है, लेकिन डॉक्टर्स की सलाह के अनुसार यह स्वास्थ्य के लिए कई तरह से हानिकारक हो सकता है। यदि आप यह करते हैं, तो ऊपर बताए गए सुरक्षा उपायों का ध्यान रखें। याद रखें, प्यार महत्वपूर्ण है, लेकिन सेहत उससे भी ज्यादा जरूरी है।

डिस्क्लेमर:
इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

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