
आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में लोग घंटों मोबाइल पर चैटिंग, गेमिंग या लैपटॉप पर काम में डूबे रहते हैं। इस दौरान अनजाने में हम शरीर को आगे झुकाकर स्क्रीन देखते हैं। यही आदत गर्दन और रीढ़ की सेहत पर भारी पड़ती है। नतीजतन, अकड़न, दर्द और टेढ़ी गर्दन जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं। यह समस्या इतनी आम हो चुकी है कि एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में करीब आधी आबादी किसी न किसी रूप में क्रॉनिक बैक पेन से जूझ रही है। यह आंकड़े कई साल पुराने हैं, और मौजूदा समय में हालात और भी बिगड़ चुके होने की संभावना है।
गर्दन की मांसपेशियों पर चढ़ता बोझ
लंबे समय तक झुककर मोबाइल चलाने की आदत से गर्दन पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। डॉक्टर्स इसे टेक्स्ट नेक सिंड्रोम कहते हैं। इस समस्या में गर्दन की मांसपेशियां जकड़ जाती हैं, हाथ सुन्न हो सकते हैं और सिर में लगातार दर्द रहने लगता है। इसके अलावा कंधों में दर्द और सर्वाइकल जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। पहले यह समस्या उम्रदराज लोगों में अधिक देखने को मिलती थी, लेकिन अब 18–25 साल के युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रही है।
कितना वजन झेलती है गर्दन?
शरीर के सही पोस्चर में बैठने पर एक वयस्क व्यक्ति का सिर लगभग 4.5 से 5 किलो तक का होता है। लेकिन जैसे ही सिर को झुकाकर स्क्रीन देखते हैं, गर्दन पर यह बोझ कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार—
- 15 डिग्री झुकाव पर सिर का दबाव लगभग 12 किलो हो जाता है।
- 30 डिग्री पर यह बढ़कर 18 किलो तक पहुंच जाता है।
- 45 डिग्री के झुकाव पर दबाव लगभग 22 किलो हो जाता है।
और यदि सिर 60 डिग्री झुका है तो गर्दन पर करीब 27 किलो का भार पड़ता है।
यानी जितना ज्यादा आप सिर झुकाकर स्क्रीन देखते हैं, उतना ही अधिक वजन गर्दन और उसकी नसों पर लदता जाता है। लंबे समय तक ऐसा करने से गर्दन की मांसपेशियों और लिगामेंट्स का लचीलापन खत्म हो जाता है।
इन समस्याओं का खतरा
ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार गलत मुद्रा में रहने से केवल गर्दन का दर्द ही नहीं, बल्कि सिर दर्द भी बढ़ता है, जो आगे चलकर माइग्रेन या टेंशन हेडेक में बदल सकता है। कुछ मामलों में यह स्थिति गंभीर होकर जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए सही बैठने की मुद्रा अपनाना बेहद जरूरी है।
कैसे बचें इस समस्या से?
मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय स्क्रीन को आंखों की ऊंचाई पर रखें।
हर 20–25 मिनट बाद ब्रेक लेकर गर्दन और कंधों को हल्का व्यायाम दें।
सीधा बैठकर काम करने की आदत डालें और झुकने से बचें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














