
सुबह उठकर वर्कआउट करना बेहतर है या फिर दिनभर की थकान के बाद शाम को एक्सरसाइज करना ज्यादा फायदेमंद होता है—यह सवाल फिटनेस को लेकर सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला है। कुछ लोग दिन की शुरुआत पसीना बहाकर करते हैं, जबकि कई लोग काम खत्म होने के बाद जिम या वॉक को प्राथमिकता देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स और कई रिसर्च इस बात पर सहमत हैं कि दोनों ही समय के अपने-अपने फायदे हैं और सही विकल्प व्यक्ति के शरीर और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है।
शरीर की जैविक घड़ी क्या कहती है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सरसाइज का सही समय समझने के लिए शरीर की सर्कैडियन रिद्म को समझना जरूरी है, जो शरीर की 24 घंटे चलने वाली जैविक घड़ी होती है। यह नींद, हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है। सुबह के समय शरीर का तापमान अपेक्षाकृत कम होता है, जबकि शाम तक यह बढ़ जाता है। ज्यादा तापमान होने पर मांसपेशियां अधिक लचीली हो जाती हैं, जिससे वर्कआउट के दौरान परफॉर्मेंस बेहतर हो सकता है।
सुबह एक्सरसाइज करने के फायदे
रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 8 बजे से 11 बजे के बीच की गई एक्सरसाइज दिल की सेहत के लिए काफी लाभकारी मानी जाती है और यह हार्ट अटैक व स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है, खासकर महिलाओं में।
इस समय शरीर ऊर्जा के लिए जमा फैट को तेजी से इस्तेमाल करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। साथ ही यह हार्ट हेल्थ को सुधारने में भी सहायक माना जाता है। जिन लोगों को हृदय संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए देर सुबह हल्की एक्सरसाइज अधिक सुरक्षित विकल्प मानी जाती है।
शाम के वर्कआउट के फायदे
शाम के समय की एक्सरसाइज भी कई मामलों में ज्यादा प्रभावी साबित होती है। शाम 6 बजे से देर रात तक किया गया वर्कआउट ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इस समय शरीर की धमनियां अधिक लचीली होती हैं, जिससे दिल पर दबाव अपेक्षाकृत कम पड़ता है।
हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों और बुजुर्गों के लिए शाम का वर्कआउट अधिक उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा इस समय शरीर में ऊर्जा स्तर बेहतर होता है, जिससे लोग ज्यादा इंटेंस ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ वर्कआउट आसानी से कर पाते हैं।
महिलाओं के लिए क्या कहती हैं रिसर्च?
2024 में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, जो महिलाएं सप्ताह में दो से तीन दिन स्ट्रेंथ और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करती हैं, उनमें हार्ट डिजीज का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
इसके अलावा तेज चाल से चलने जैसी मॉडरेट एक्सरसाइज करने वाली महिलाओं में समय से पहले मृत्यु का जोखिम लगभग 24 प्रतिशत तक कम पाया गया है। यह संकेत देता है कि नियमित शारीरिक गतिविधि महिलाओं की लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाती है।
एक्सरसाइज में सबसे जरूरी क्या है?
डॉक्टरों और फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुबह या शाम से ज्यादा महत्वपूर्ण नियमितता है। यदि कोई व्यक्ति अपने शेड्यूल के अनुसार किसी भी समय लगातार एक्सरसाइज करता है, तो शरीर धीरे-धीरे बेहतर परिणाम देने लगता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुरुआत हल्की एक्सरसाइज से करें और धीरे-धीरे समय और तीव्रता बढ़ाएं। साथ ही अगर किसी को ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम या कोई पुरानी बीमारी है, तो नई फिटनेस दिनचर्या शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।














