
हमारे शरीर में दिल, दिमाग, किडनी और फेफड़े जितने महत्वपूर्ण हैं, उतना ही जरूरी एक ऐसा तत्व है जिसे हम अक्सर भूल जाते हैं—बोन मैरो। यह हड्डियों के अंदर पाया जाने वाला एक चिपचिपा, सेमी-सॉलिड पदार्थ है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए जीवनदायिनी है।
बोन मैरो हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स बनाने का मुख्य केंद्र है। यानी, हमारे शरीर में खून बनने की प्रक्रिया का पहला चरण इसी से शुरू होता है। बिना बोन मैरो के, ब्लड फॉर्मेशन पूरी तरह से बंद हो जाता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि बोन मैरो क्या है और इसके बिना जीवन संभव है या नहीं।
बोन मैरो क्या है?
बोन मैरो शरीर में पाए जाने वाला विशेष टिश्यू है, जो बड़ी हड्डियों जैसे जांघ और हिप की हड्डियों के अंदर होता है। यह दिखने में चिपचिपा और सेमी-सॉलिड होता है। बोन मैरो मुख्यतः दो प्रकार का होता है: लाल बोन मैरो और पीला बोन मैरो। लाल बोन मैरो रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
बोन मैरो में क्या होता है?
बोन मैरो में पाए जाने वाले हिमेटोपोइटिक स्टेम सेल्स खुद को डिवाइड करके नए ब्लड सेल्स बनाते हैं। यह प्रक्रिया शरीर में लगातार नए सेल्स की आपूर्ति करती है। अगर बोन मैरो ठीक से काम न करे, तो शरीर में ब्लड की कमी हो सकती है, जिससे पर्याप्त ऑक्सीजन शरीर के अंगों तक नहीं पहुँच पाती और कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
क्या हम बिना बोन मैरो के जीवित रह सकते हैं?
बोन मैरो खून बनाने की प्रक्रिया के लिए अनिवार्य है। इसके बिना नई ब्लड सेल्स का निर्माण बंद हो जाता है और पुराने सेल्स धीरे-धीरे मर जाते हैं। इस कारण शरीर में ब्लड की कमी हो जाती है और जीवन असंभव हो जाता है।
इसके अलावा, प्लेटलेट्स की कमी से चोट लगने पर खून जल्दी नहीं थमता, और व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर देती है। परिणामस्वरूप, व्यक्ति बीमारियों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हो जाता है। इसलिए, बोन मैरो न केवल जीवन के लिए आवश्यक है, बल्कि यह शरीर की सुरक्षा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।














