
शहद सदियों से सेहत का खजाना माना गया है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक न्यूट्रिशन तक, इसे इम्यूनिटी बढ़ाने, वजन कंट्रोल करने और कई बीमारियों से बचाव करने वाला अद्भुत पदार्थ माना जाता है। लेकिन आजकल बाजार में बिकने वाला हर शहद शुद्ध नहीं होता। नकली शहद शरीर के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कई बार हम सोचते हैं कि शहद शुद्ध है, लेकिन उसमें शुगर सिरप या केमिकल मिलाया गया होता है। इसे पहचानना बेहद जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य सुरक्षित रहे। आइए जानते हैं नकली और असली शहद की पहचान के आसान उपाय।
# पानी टेस्ट से करें शहद की सही पहचान
पानी टेस्ट शहद की शुद्धता जांचने का सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका है। इसे करने का तरीका निम्न है:
- एक गिलास साफ पानी लें और उसमें एक चम्मच शहद डालें।
-असली शहद धीरे-धीरे पानी में घुलेगा और गिलास के तल में बैठ जाएगा। यह शहद की मोटी, गाढ़ी बनावट और कम नमी को दर्शाता है।
-नकली शहद तुरंत पानी में घुल जाएगा, क्योंकि इसमें अतिरिक्त चीनी या सिरप मिलाया गया होता है।
-आप देख सकते हैं कि असली शहद पानी में बबल्स या झाग नहीं बनाता, जबकि नकली शहद में फोम या झाग जल्दी बन जाता है।
-इस टेस्ट को कम से कम 1–2 मिनट तक ध्यान से देखें, क्योंकि असली शहद पूरी तरह से धीरे-धीरे घुलता है, जबकि नकली शहद तुरंत मिश्रित हो जाता है।
-यह तरीका घर पर बिना किसी लैब उपकरण के भी आसानी से किया जा सकता है और तुरंत परिणाम देता है।
# माचिस की तीली से शहद की शुद्धता जांचें
माचिस की तीली या कॉटन बड का तरीका भी घर पर शहद की असली या नकली होने की पहचान करने के लिए आसान और प्रभावी तरीका है। इसे करने का तरीका इस प्रकार है:
- सबसे पहले एक माचिस की तीली या कॉटन बड लें और उसमें थोड़ा सा शहद लगाएँ।
- अब इसे आग के पास रखें और जलाएं।
- शुद्ध शहद आसानी से जल जाएगा क्योंकि इसमें नमी बहुत कम होती है और यह प्राकृतिक रूप से गाढ़ा होता है।
- मिलावटी या नकली शहद में पानी, सिरप या अन्य मिलावट होने के कारण यह जलने में कठिनाई करेगा, या जलते समय झाग पैदा करेगा।
- शहद को जलाते समय ध्यान दें कि अगर यह अचानक फूट-फूटकर जलता है, तो उसमें बहुत अधिक मिलावट या पानी मिला होने की संभावना होती है।
- इस टेस्ट को सुरक्षित जगह पर करें और आग के संपर्क में आने से पहले सावधानी बरतें।
# बनावट और स्वाद पर ध्यान देकर शहद की शुद्धता पहचानें
शहद की बनावट और स्वाद घर पर उसकी शुद्धता जाँचने का सबसे सरल तरीका है। इसे पहचानने के लिए निम्न बिंदुओं पर ध्यान दें:
- असली शहद हमेशा गाढ़ा, चिकना और समान रहता है। इसे लंबे समय तक रखने पर भी इसकी बनावट में ज्यादा बदलाव नहीं आता।
- नकली शहद अक्सर पतला और पानी जैसा होता है। समय के साथ यह क्रिस्टलाइजेशन शुरू कर देता है या अलग-अलग परतों में बंट जाता है।
- स्वाद और खुशबू भी पहचान का महत्वपूर्ण संकेत हैं। असली शहद प्राकृतिक फूलों की हल्की और मधुर महक देता है, जबकि नकली शहद में अक्सर मीठे सिरप जैसा कृत्रिम स्वाद आता है।
- असली शहद जरा सा ठंडा होने पर भी अपनी गाढ़ी बनावट बनाए रखता है, जबकि नकली शहद ठंडे तापमान में पतला या गीला हो जाता है।
- चखने पर असली शहद का स्वाद मुलायम और हल्का फूलों जैसा होता है, जबकि नकली शहद में मीठापन अधिक और कृत्रिम महसूस होता है।
# लेबल और ब्रांड की जाँच कर शहद की शुद्धता सुनिश्चित करें
शहद खरीदते समय पैकेजिंग और लेबल की जांच करना बेहद जरूरी है, ताकि आप नकली शहद से बच सकें। इसके लिए ध्यान दें:
- FSSAI का मार्क और शुद्धता सर्टिफिकेट: पैक पर FSSAI का प्रमाण और शुद्धता से संबंधित सर्टिफिकेट होना जरूरी है। यह आपको भरोसेमंद और सुरक्षित शहद चुनने में मदद करता है।
- भरोसेमंद ब्रांड चुनें: हमेशा प्रसिद्ध और भरोसेमंद ब्रांड का ही शहद खरीदें। छोटे, अनजाने या बिना प्रमाणीकरण वाले ब्रांडों से बचें।
- सस्ते ऑफर्स से सावधानी: बहुत सस्ता या ऑफर में मिलने वाला शहद अक्सर मिलावटी हो सकता है। असली शहद की कीमत पर समझौता करने से स्वास्थ्य पर जोखिम बढ़ सकता है।
- नकली शहद के नुकसान: नकली शहद का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। यह ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ा सकता है, मोटापे, डायबिटीज और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकता है। साथ ही, पाचन समस्याएँ और इम्यूनिटी कमजोर होने की संभावना भी बढ़ जाती है।
सुझाव: शहद खरीदने से पहले हमेशा लेबल, प्रमाण और ब्रांड की विश्वसनीयता जरूर जांचें। इससे आप न केवल असली शहद प्राप्त करेंगे, बल्कि सेहत पर पड़ने वाले जोखिमों से भी बच सकेंगे।
ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ा देता है
- मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ा सकता है
- पाचन संबंधी दिक़्क़तें और इम्यूनिटी कमजोर होने की समस्या पैदा कर सकता है
शहद जितना सेहत के लिए फायदेमंद है, उतना ही ज़रूरी है उसका शुद्ध होना. नकली शहद से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।इसलिए हमेशा असली शहद की पहचान करना सीखें और सही ब्रांड से ही खरीदें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














