
आलू को अक्सर हेल्दी डाइट या वजन घटाने की योजना में बाहर रखा जाता है, क्योंकि लोगों का मानना है कि यह मोटापा बढ़ाता है और ब्लड प्रेशर को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन अमेरिकन कॉलेज ऑफ न्यूट्रिशन की ताजा स्टडी ने इस मिथक को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अध्ययन के अनुसार, सही तरीके से आलू खाने से न तो वजन बढ़ता है और न ही यह ब्लड प्रेशर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
असल में, आलू एक बहुमुखी और पौष्टिक सब्जी है, जिसमें कई स्वास्थ्यवर्धक गुण मौजूद हैं। आलू में भरपूर पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन C और B6 से लेकर पोटैशियम, फाइबर, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। ये सभी तत्व शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, कोशिकाओं की मरम्मत करने और ऊर्जा स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं।
इसके अलावा, आलू में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है। पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करता है और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। आलू का नियमित सेवन मेटाबॉलिज्म को भी सक्रिय करता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने की क्षमता देता है, जिससे अनावश्यक स्नैक्स या अधिक खाने से बचा जा सकता है।
अध्ययन यह भी बताता है कि यदि आलू को सही तरीके से पकाया जाए—जैसे उबालकर, बेक करके या हल्के मसालों के साथ—तो यह वजन घटाने की डाइट में भी आसानी से शामिल किया जा सकता है। आलू को छिलके सहित खाने से इसके फाइबर और पोषक तत्वों का अधिकतम लाभ मिलता है।
वजन घटाने में आलू की भूमिका
अधिकतर लोग सोचते हैं कि आलू मोटापा बढ़ाता है। असल में, यह केवल तब होता है जब आलू को तला-भुना या भारी तेल और मसालों में पकाया जाए। वहीं उबला हुआ या बेक्ड आलू पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो जाती है।
आलू में मौजूद फाइबर पेट में धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक भूख को नियंत्रित करता है। इससे स्नैक्स या अनावश्यक खाने की आदत कम होती है, जो वजन घटाने में मददगार है। इसके अलावा, आलू में कम कैलोरी और उच्च पोषण मूल्य होता है, जो डाइटिंग प्लान में इसे एक आदर्श विकल्प बनाता है।
वजन घटाने की डाइट में उबला या बेक्ड आलू शामिल करने से शरीर को जरूरी ऊर्जा मिलती है और आप लंबे समय तक एनर्जीफुल महसूस करते हैं। साथ ही आलू की ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी नियंत्रित रहती है, जिससे ब्लड शुगर में अचानक वृद्धि नहीं होती और फैट स्टोरेज कम होता है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल में आलू का योगदान
पोटैशियम युक्त आलू शरीर से अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने में मदद करता है। सोडियम की अधिकता अक्सर हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनती है, लेकिन आलू का सेवन इसे प्राकृतिक रूप से संतुलित करता है। पोटैशियम की मौजूदगी हृदय की धड़कन को नियमित रखती है और रक्तचाप को नियंत्रित करती है।
अध्ययन बताते हैं कि नियमित रूप से सही मात्रा में आलू खाने से ब्लड प्रेशर में सुधार आता है, और यह हार्ट हेल्थ को भी मजबूत बनाता है। विशेषकर उन लोगों के लिए, जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग का खतरा है, आलू एक सुरक्षित और पोषक तत्वों से भरपूर विकल्प है।
आलू खाने के स्मार्ट तरीके
- तले हुए आलू की बजाय उबला या बेक्ड आलू खाएं।
- आलू को छिलके समेत पकाएं, ताकि फाइबर और पोषक तत्व बरकरार रहें।
- आलू को सब्जियों, दालों या हरी सब्जियों के साथ मिलाकर खाएं।
- फ्रेंच फ्राइज, आलू के चिप्स और भारी तेल-मसाले वाले व्यंजनों से दूरी बनाए रखें।
- संतुलित मात्रा में आलू का सेवन करें, ताकि कैलोरी और पोषण का बैलेंस बना रहे।
आलू भारतीय रसोई का अनिवार्य हिस्सा है और अब साइंस भी कहता है कि सही तरीके से इसका सेवन करने से न तो वजन बढ़ने की चिंता करनी चाहिए और न ही ब्लड प्रेशर को लेकर तनाव। इसे हेल्दी तरीके से पकाएं, अपनी डाइट में संतुलित मात्रा में शामिल करें, और इसके पोषक लाभों का आनंद लें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














