न्यूज़
Yogi Adityanath Tejashwi Yadav Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

बिस्तर पर लेटे-लेटे रील्स देखने की आदत से बढ़ सकते हैं गंभीर स्वास्थ्य जोखिम, पढ़े पूरी रिपोर्ट

लेटकर रील्स देखने की आदत आपके शरीर और दिमाग पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। जानें गर्दन और रीढ़ की समस्याएं, नींद की गुणवत्ता पर असर, आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव और स्क्रीन टाइम से बचने के उपाय।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Fri, 07 Nov 2025 8:23:06

बिस्तर पर लेटे-लेटे रील्स देखने की आदत से बढ़ सकते हैं गंभीर स्वास्थ्य जोखिम, पढ़े पूरी रिपोर्ट

आज के डिजिटल युग में रील्स और शॉर्ट वीडियो सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहे, बल्कि कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं। खासकर बिस्तर पर लेटकर लगातार रील्स देखना अब एक आम आदत बन चुका है। हालांकि यह रिलैक्स करने का आसान तरीका लगता है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह आदत धीरे-धीरे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। आइए जानें लेटकर मोबाइल स्क्रॉल करने के संभावित नुकसान।

गर्दन और रीढ़ पर पड़ता है अत्यधिक दबाव


बिस्तर पर लेटकर मोबाइल देखने पर गर्दन और कंधों का सही एंगल नहीं रहता। इससे मांसपेशियों पर तनाव बढ़ता है और Text Neck Syndrome जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। अमेरिकन ऑस्टियोपैथिक एसोसिएशन के अनुसार, लंबे समय तक झुककर स्क्रीन देखने से गर्दन की हड्डियों पर 27 किलो तक का दबाव पड़ सकता है। यही वजह है कि कई लोग सुबह उठते ही कंधे और गर्दन में अकड़न और दर्द महसूस करते हैं।

नींद की गुणवत्ता पर प्रभाव

सोने से पहले रील्स देखने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। मोबाइल की ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को दबा देती है, जो नींद को नियंत्रित करता है। JAMA Network Open 2023 की स्टडी में यह पाया गया कि जो लोग सोने से पहले फोन का इस्तेमाल करते हैं, उनकी नींद उन लोगों की तुलना में काफी कम और हल्की होती है, जो बिना स्क्रीन टाइम के सोते हैं। लगातार ऐसा करने से इनसोमिया जैसी गंभीर नींद संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

आंखों पर पड़ते हैं प्रतिकूल असर

मोबाइल की स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों के लिए हानिकारक होती है। National Eye Institute (US) की रिपोर्ट के अनुसार, ब्लू लाइट आंखों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है और डिजिटल आई स्ट्रेन उत्पन्न करती है। इसका परिणाम आंखों में जलन, सूखापन और सिरदर्द के रूप में सामने आता है। विशेषकर रात में कम रोशनी में रील्स देखने से ये समस्याएं और तेज़ी से बढ़ती हैं।

मेंटल हेल्थ पर प्रभाव

रील्स देखने से दिमाग में डोपामाइन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे थोड़े समय के लिए अच्छा महसूस होता है। लेकिन लगातार यह आदत बन जाने पर दिमाग पर दबाव बढ़ता है। Centers for Disease Control and Prevention, 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन टाइम चिंता, डिप्रेशन और ध्यान में कमी जैसी समस्याओं को बढ़ावा देता है। यह मानसिक उत्तेजना को बढ़ाता है और व्यक्ति को बेचैन बना देता है।

कैसे बचें स्क्रीन टाइम के नुकसान से?

मोबाइल स्क्रीन टाइम दिन में 1 घंटे से कम रखें।

सोने से कम से कम 1 घंटा पहले फोन को दूर रखें।

लेटकर नहीं, बैठकर स्क्रीन देखें।

हर 20 मिनट में आंखों को आराम दें।

योग, स्ट्रेचिंग और नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

सावधान! रसोई में इस्तेमाल हो रहा तेल बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह

  • किचन का आम तेल भी बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
  • Linoleic Acid बढ़ा सकता है खतरनाक Triple-Negative Breast Cancer
  • सरसों का तेल, नारियल तेल या देसी घी हो सकते हैं सुरक्षित विकल्प
read more

ताजा खबरें
View More

वेनेजुएला से अमेरिका पहुंचेगा 50 मिलियन बैरल तेल, ट्रंप का बड़ा ऐलान; जानिए इसके पीछे की रणनीति
वेनेजुएला से अमेरिका पहुंचेगा 50 मिलियन बैरल तेल, ट्रंप का बड़ा ऐलान; जानिए इसके पीछे की रणनीति
कोलंबो एयरपोर्ट पर ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद, करोड़ों की गांजा के साथ 3 भारतीय हिरासत में; दो महिला टीचर भी शामिल
कोलंबो एयरपोर्ट पर ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद, करोड़ों की गांजा के साथ 3 भारतीय हिरासत में; दो महिला टीचर भी शामिल
क्या पाकिस्तान के रास्ते भारत के खिलाफ रची जा रही है नई आतंकी साजिश? हमास और लश्कर कमांडरों की गुप्त मुलाकात से बढ़ी चिंता
क्या पाकिस्तान के रास्ते भारत के खिलाफ रची जा रही है नई आतंकी साजिश? हमास और लश्कर कमांडरों की गुप्त मुलाकात से बढ़ी चिंता
दिल्ली पत्थरबाजी मामले में नया मोड़, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौजूदगी का दावा; भीड़ भड़काने के आरोप
दिल्ली पत्थरबाजी मामले में नया मोड़, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौजूदगी का दावा; भीड़ भड़काने के आरोप
नंदमुरी बालकृष्ण की ‘अखंडा 2’ की OTT रिलीज टली? जानिए कब होगा फिल्म का डिजिटल डेब्यू
नंदमुरी बालकृष्ण की ‘अखंडा 2’ की OTT रिलीज टली? जानिए कब होगा फिल्म का डिजिटल डेब्यू
दिल्ली में देर रात चला बुलडोजर, फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास MCD की सख्त कार्रवाई
दिल्ली में देर रात चला बुलडोजर, फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास MCD की सख्त कार्रवाई
जोमैटो के दीपेंदर गोयल की टेंपल डिवाइस कैसे काम करती है, AIIMS डॉक्टर ने क्यों जताई चिंता?
जोमैटो के दीपेंदर गोयल की टेंपल डिवाइस कैसे काम करती है, AIIMS डॉक्टर ने क्यों जताई चिंता?
15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्रांति, सूर्य के उत्तरायण होते ही शुरू होंगे सभी शुभ कार्य
15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्रांति, सूर्य के उत्तरायण होते ही शुरू होंगे सभी शुभ कार्य
केरल में हेपेटाइटिस A का कहर, 31,000 से अधिक मामले, दूषित पानी और स्वच्छता की कमी बनी बड़ी वजह
केरल में हेपेटाइटिस A का कहर, 31,000 से अधिक मामले, दूषित पानी और स्वच्छता की कमी बनी बड़ी वजह
बाल तेजी से झड़ रहे हैं...इन 4 चीज़ों को तुरंत डाइट से हटाएं
बाल तेजी से झड़ रहे हैं...इन 4 चीज़ों को तुरंत डाइट से हटाएं
धुरंधर का जलवा बरकरार! पांचवें रविवार भी रणवीर सिंह की फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल
धुरंधर का जलवा बरकरार! पांचवें रविवार भी रणवीर सिंह की फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल
ज्यादा ऊंचाई पर ट्रैवलिंग से क्यों बिगड़ने लगता है पेट? जानिए इसके पीछे की असली वजह
ज्यादा ऊंचाई पर ट्रैवलिंग से क्यों बिगड़ने लगता है पेट? जानिए इसके पीछे की असली वजह
राम मंदिर दर्शन-आरती पास पर दलालों का कब्जा, आम श्रद्धालुओं को नहीं मिल पा रहा फायदा
राम मंदिर दर्शन-आरती पास पर दलालों का कब्जा, आम श्रद्धालुओं को नहीं मिल पा रहा फायदा
भोजपुर हाइवे पर दो ट्रकों की आमने-सामने भीषण भिड़ंत, एक चालक की मौत; दूसरा जिंदगी से जूझ रहा
भोजपुर हाइवे पर दो ट्रकों की आमने-सामने भीषण भिड़ंत, एक चालक की मौत; दूसरा जिंदगी से जूझ रहा