
हर साल अगस्त महीने के पहले रविवार को दुनियाभर में फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। इस बार यह खास दिन 3 अगस्त को है। यह केवल दोस्तों को विश करने का मौका भर नहीं है, बल्कि एक ऐसा दिन है जो ज़िंदगी में रिश्तों की अहमियत और उनकी सकारात्मक भूमिका को समझने और सराहने का भी अवसर देता है। हम अकसर दोस्ती को भावनात्मक समर्थन का जरिया मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो गहरे दोस्ताना रिश्ते मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। आइए जानते हैं कि सच्ची दोस्ती कैसे दिल को सुकून और सेहत को मजबूती देती है।
दौलत या नाम नहीं, सबसे बड़ी पूंजी है एक अच्छा दोस्त
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा की गई एक 80 वर्षों की लंबी रिसर्च में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि लंबी उम्र और असली खुशी का राज न पैसा है, न शोहरत—बल्कि मजबूत और करीबी रिश्ते ही इसके पीछे की असली वजह हैं। जब आप दोस्त बनाते हैं या पुराने दोस्तों से जुड़ाव बनाए रखते हैं, तो आपका सामाजिक संबंध मजबूत होता है और मानसिक स्थिरता बनी रहती है।
मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट भी इस ओर इशारा करती है कि सच्चे दोस्त आपके जीवन में न सिर्फ खुशी लाते हैं, बल्कि मुश्किल घड़ियों में आपका संबल भी बनते हैं। वे मानसिक थकान, अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याओं से निकलने में मददगार साबित होते हैं।
जब दोस्त बनें आपकी सेहत के हमसफर
सच्चे दोस्त आपके जीवन को एक उद्देश्य और अपनापन देते हैं। उनके साथ बिताया गया समय तनाव को कम करता है और मानसिक सुकून देता है। साथ ही, वे आपके आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को भी बढ़ावा देते हैं। कुछ शोधों से यह भी पता चला है कि जीवन में जब कठिन समय आता है—जैसे किसी प्रिय को खो देना, गंभीर बीमारी, या नौकरी जाना—तो ऐसे हालात में आपके सच्चे दोस्त ही आपके सबसे बड़े सहारे बनते हैं। इतना ही नहीं, दोस्त ही होते हैं जो आपको अस्वस्थ आदतों जैसे अत्यधिक शराब पीना या निष्क्रिय जीवनशैली से बाहर निकालते हैं। रिसर्च बताती है कि जिन लोगों का सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है, उनमें हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और डिप्रेशन जैसी बीमारियों की संभावना कम होती है। ऐसे लोग न सिर्फ ज्यादा जीते हैं, बल्कि ज्यादा खुशहाल जीवन जीते हैं।
वक्त देना भी है दोस्ती निभाने का हिस्सा
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी प्राथमिकताओं की दौड़ में दोस्तों को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन फ्रेंडशिप डे इस बात की याद दिलाने का मौका है कि रिश्ते केवल भावना से नहीं, समय और प्रयास से भी चलते हैं। थोड़ा वक्त निकालकर दोस्तों से मिलना, बातें करना, या बस एक फोन कॉल करना—ये छोटे-छोटे कदम दोस्ती को और भी गहरा बना देते हैं। यह न केवल आपके रिश्तों को संजीवनी देते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर करते हैं।














