आज के जमाने में फ्रिज हर घर की जरूरत बन चुका है। मगर फ्रिज को लेकर कई तरह के भ्रम भी प्रचलित हैं, जो लोगों को अनावश्यक डर देते हैं। सबसे ज्यादा सुनने में आता है कि फ्रिज में रखा ठंडा पानी पीने से कैंसर हो सकता है। इसके अलावा फ्रोजन फूड को भी कैंसर से जोड़कर देखा जाता है। सोशल मीडिया पर इन अफवाहों का तेजी से प्रचार-प्रसार होता है, जिससे कई लोग फ्रिज का पानी पीने से भी कतराने लगते हैं। पर क्या इनमें कोई सच्चाई है? इस पर डॉक्टर जयेश शर्मा ने अपनी राय दी है और बताया है कि असल में खतरा कब होता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए विस्तार से समझते हैं।
फ्रिज के ठंडे पानी में कैंसर का खतरा – कितना सच?
सोशल मीडिया पर यह अफवाह काफी फैल चुकी है कि फ्रिज में प्लास्टिक की बोतल में रखा पानी पीने से डाइऑक्सिन निकलता है, जो कैंसर का कारण बन सकता है। डॉक्टर जयेश शर्मा बताते हैं कि डाइऑक्सिन एक खतरनाक कंपाउंड है और इसके कैंसर से संबंध जरूर हैं, लेकिन यह कंपाउंड तभी रिलीज होता है जब तापमान लगभग 300 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है। चूंकि फ्रिज का तापमान आमतौर पर 4 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, इसलिए वहां डाइऑक्सिन बनने का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि, प्लास्टिक की बोतल के बजाय आप स्टील या कांच के कंटेनर का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि पूरी तरह सुरक्षित रहें।
क्या फ्रिज में आलू रखने से नुकसान होता है?
एक और मान्यता है कि फ्रिज में आलू रखने से ‘एक्रेलेमाइड’ नामक हानिकारक पदार्थ बनता है, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। डॉक्टर जयेश के अनुसार, यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। वास्तव में एक्रेलेमाइड तभी बनता है जब तापमान बहुत अधिक नीचे यानी लगभग 120 डिग्री सेल्सियस से कम हो, जो आम फ्रिज के टेंपरेचर से काफी अलग है। अगर आपका फ्रिज सही तापमान पर काम नहीं कर रहा है, तो उसे जल्द ही ठीक करवाना जरूरी है।














