
हमारा पूरा शरीर पैरों के सहारे चलता है। रोज़मर्रा की भागदौड़, घर और दफ़्तर के काम, लंबे समय तक खड़े रहना या लगातार चलना—इन सबका सीधा असर पैरों पर पड़ता है। यही कारण है कि दिन ढलते-ढलते अक्सर पैरों में दर्द, थकान और सूजन महसूस होती है। कभी-कभी यह परेशानी इतनी बढ़ जाती है कि नींद तक प्रभावित हो जाती है। दवाइयों के सहारे रहना हमेशा सही नहीं होता, इसलिए बेहतर है कि ऐसे हालात में आसान घरेलू उपाय अपनाए जाएं। विशेषज्ञों के अनुसार लहसुन का तेल पैरों की तकलीफ़ को कम करने का बेहतरीन प्राकृतिक इलाज है। यह न केवल सूजन घटाता है बल्कि दर्द से भी राहत दिलाता है।
लहसुन का तेल बनाने और लगाने का तरीका
- 10 लहसुन की कलियों को छीलकर हल्का कुचल लें।
- इन्हें सरसों या नारियल तेल में डालकर धीमी आंच पर पकाएं।
- जब लहसुन सुनहरा होने लगे तो गैस बंद कर दें।
- ठंडा होने पर मिश्रण को छानकर बोतल में स्टोर कर लें।
- सोने से पहले इस तेल से पैरों की 10 मिनट तक हल्के हाथों से मालिश करें।
- नियमित उपयोग करने पर एक हफ्ते में ही सूजन और दर्द दोनों में आराम महसूस होने लगेगा।
अन्य तेल जो दर्द में देंगे आराम
# सरसों का तेल
यह रक्त प्रवाह को बेहतर करता है और मांसपेशियों की जकड़न को दूर करता है। जिन लोगों को लंबे समय तक खड़े रहने की वजह से पैरों में भारीपन और थकान महसूस होती है, उनके लिए यह तेल बेहद फायदेमंद है।
# नारियल का तेल
नारियल का तेल न सिर्फ त्वचा को मुलायम रखता है बल्कि पैरों की नसों और मांसपेशियों को आराम भी देता है। अगर पैरों में जलन या अधिक थकान रहती है तो गुनगुने नारियल तेल से मालिश करना कारगर साबित होता है।
# लैवेंडर ऑयल
अगर पैरों के दर्द के साथ-साथ नींद न आने की समस्या भी परेशान कर रही है, तो लैवेंडर ऑयल सबसे बढ़िया विकल्प है। इसकी मालिश पैरों को सुकून देने के साथ-साथ मन को भी शांत करती है। इसे नारियल या ऑलिव ऑयल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
# ऑलिव ऑयल
ऑलिव ऑयल में पाए जाने वाले सूजनरोधी गुण पैरों की सूजन और अकड़न को दूर करते हैं। जिन लोगों को अक्सर टखनों में दर्द की शिकायत रहती है, उनके लिए यह तेल काफी असरदार माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














