
बच्चों की सेहत और ऊर्जा का सही विकास उनके खाने-पीने पर बहुत निर्भर करता है। कई माता-पिता सोचते हैं कि सुबह खाली पेट क्या पिलाना चाहिए ताकि बच्चे दिनभर सक्रिय रहें और उनका वजन नियंत्रित रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह-सुबह सही पेय देना बच्चों के पाचन तंत्र को सक्रिय करता है, शरीर को एनर्जी देता है और मोटापे से भी बचाता है।
# गुनगुना पानी
गुनगुना पानी बच्चों के लिए सबसे सरल और प्राकृतिक विकल्प है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। इसके नियमित सेवन से बच्चों की एनर्जी लेवल भी बेहतर रहती है और उनकी त्वचा भी स्वस्थ बनी रहती है।
- रोज सुबह 1 गिलास गुनगुना पानी पिलाना सबसे अच्छा है।
- इसमें थोड़ी बूंद नींबू मिलाने से शरीर में विटामिन C की मात्रा बढ़ती है और इम्यूनिटी मजबूत होती है।
- गुनगुना पानी पेट हल्का और साफ महसूस कराता है और कब्ज जैसी समस्या को रोकने में मदद करता है।
- यह बच्चों के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है।
- इसके अलावा गुनगुना पानी किडनी और लिवर की सफाई में भी सहायक होता है।
- बच्चों को इसे धीरे-धीरे पीने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि पेट में कोई ऐसिडिटी या जलन ना हो।
- हड्डियों और मांसपेशियों की वृद्धि के लिए भी गुनगुना पानी फायदेमंद माना जाता है।
- यदि बच्चों को सुबह उठते ही हल्की थकान या सुस्ती महसूस होती है, तो गुनगुना पानी उन्हें एनर्जी बूस्ट देने का काम करता है।
# फलों का जूस
खाली पेट फलों का जूस बच्चों के लिए एनर्जी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। यह न सिर्फ ताजगी देता है बल्कि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करता है।
- बच्चों को संतरा, सेब, तरबूज या पपीते का जूस पिलाया जा सकता है।
- जूस बिना शुगर के ही पिलाना सबसे सुरक्षित और सेहतमंद रहता है।
- फलों में मौजूद विटामिन्स (जैसे विटामिन C, A, B कॉम्प्लेक्स) और मिनरल्स बच्चों की हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं।
- फलों का जूस इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करता है।
- यह बच्चों को सुबह-सुबह एनर्जी बूस्ट देता है, जिससे पूरे दिन खेलकूद और पढ़ाई में उनका प्रदर्शन बेहतर रहता है।
- जूस पीने से त्वचा और बालों की सेहत भी बेहतर होती है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।
- बच्चों के मन और मस्तिष्क को स्फूर्ति और ताजगी प्रदान करने के लिए यह सबसे आसान और स्वादिष्ट उपाय है।
# दूध या दही
सुबह-सुबह बच्चों को दूध या दही देना उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत फायदेमंद माना जाता है। यह न सिर्फ शरीर को पोषण देता है बल्कि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाता है।
- दूध और दही में कैल्शियम और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं।
- दही पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं से बचाता है।
- दूध में हल्दी की एक चुटकी मिलाकर देने से यह बच्चों की इम्यूनिटी और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
- दूध और दही में मौजूद विटामिन B12 और विटामिन D मस्तिष्क और हड्डियों के विकास में सहायक होते हैं।
- नियमित रूप से सुबह-सुबह दूध या दही लेने से बच्चों में शारीरिक ताकत और एनर्जी बनी रहती है।
- यह बच्चों के त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
- अगर बच्चे को ठंडा लगने का डर हो, तो दूध को हल्का गुनगुना करके पिलाना सबसे सुरक्षित और सेहतमंद विकल्प है।
# हर्बल पानी
सुबह-सुबह हर्बल पानी बच्चों को देना उनके स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसमें प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के गुण होते हैं जो शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाते हैं।
- धनिया का पानी या सौंफ का पानी पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं को कम करता है।
- यह बच्चों को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे वे दिनभर सक्रिय और सतर्क रहते हैं।
- हर्बल पानी शरीर में टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है।
- इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट बच्चों की इम्यूनिटी को भी मजबूत करते हैं।
- नियमित रूप से सुबह खाली पेट हर्बल पानी पीने से बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से फुर्तीले और स्वस्थ रहते हैं।
- यह सर्दी-जुकाम, पेट की समस्या और हल्की सूजन जैसी छोटी-छोटी बीमारियों से भी बचाव करता है।
सही सुबह का पेय: सेहत और एनर्जी दोनों के लिए
सुबह-सुबह खाली पेट बच्चों को सही पेय देना उनके स्वास्थ्य, पाचन और वजन नियंत्रण के लिए बहुत जरूरी है। गुनगुना पानी, फलों का जूस, दूध या दही और हर्बल पानी उन्हें दिनभर ऊर्जा प्रदान करते हैं और मोटापे से बचाते हैं। डॉ. इमरान पटेल के अनुसार, छोटे-छोटे बदलाव बच्चों के जीवन में बड़ा फर्क डाल सकते हैं। सही पोषण और समय पर सही पेय देकर आप अपने बच्चों की सेहत को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।














