
स्वस्थ रहने के लिए पानी का पर्याप्त सेवन बेहद जरूरी है। डॉक्टर अक्सर दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर में हाइड्रेशन की कमी न हो। अगर शरीर को पर्याप्त पानी न मिले तो डिहाइड्रेशन, थकान, सिरदर्द, चक्कर, कब्ज जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। अब सवाल यह उठता है कि जिस तरह दूध, जूस या अन्य पेय पदार्थों की एक एक्सपायरी डेट होती है, क्या पानी की भी कोई “एक्सपायरी” होती है? आइए इस पर विस्तार से जानते हैं।
क्या पानी खराब होता है?
शुद्ध पानी अपने आप खराब नहीं होता, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया या अशुद्धियां स्वाभाविक रूप से मौजूद नहीं रहतीं। जब तक पानी किसी गंदे बर्तन या दूषित वातावरण में न रखा जाए, तब तक उसमें बैक्टीरिया पनपने की संभावना बेहद कम होती है। लेकिन अगर पानी को गलत तरीके से स्टोर किया जाए तो यह पीने के लिए असुरक्षित हो सकता है। असल में, पानी की सेफ्टी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि उसे किस कंटेनर में और किन परिस्थितियों में रखा गया है।
बोतलबंद पानी की समय सीमा
अधिकतर पैक्ड वाटर बोतलों पर ‘बेस्ट बिफोर’ या ‘एक्सपायरी डेट’ लिखी होती है। यह डेट आमतौर पर 1-2 साल की होती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह समय सीमा पानी की गुणवत्ता से ज्यादा बोतल के प्लास्टिक की सेफ्टी के लिए होती है। लंबे समय तक रखने पर बोतल के प्लास्टिक से रसायन पानी में घुल सकते हैं, खासकर अगर बोतलें धूप या गर्मी में रखी जाएं।
अगर बोतल बंद पानी को ठंडी और अंधेरी जगह पर रखा जाए तो यह एक्सपायरी डेट के बाद भी कई महीनों तक सुरक्षित रह सकता है, हालांकि स्वाद में हल्का बदलाव आ सकता है। लेकिन बोतल खुलने के बाद इसे 2-3 दिन के भीतर पी लेना चाहिए, क्योंकि हवा के संपर्क में आते ही इसमें बैक्टीरिया और फंगस का खतरा बढ़ जाता है।
# घर पर स्टोर किया गया पानी
अगर पानी को साफ कांच, स्टेनलेस स्टील या BPA-फ्री प्लास्टिक के कंटेनर में रखा जाए तो यह 6 महीने से 1 साल तक सुरक्षित रह सकता है। नल का पानी सीधे स्टोर करने के बजाय पहले उबालना या फिल्टर करना बेहतर है, ताकि उसमें मौजूद अशुद्धियां खत्म हो जाएं। स्टोर करने के बाद इसे 6 महीने के भीतर इस्तेमाल कर लेना चाहिए। अगर पानी का स्वाद या गंध बदल जाए, या उसमें धुंधलापन दिखे, तो इसे तुरंत फेंक दें।
# इमरजेंसी स्टोरेज के लिए गाइडलाइन
कई लोग प्राकृतिक आपदाओं या बिजली-पानी की दिक्कतों को देखते हुए पानी स्टोर करके रखते हैं। ऐसे हालात में पानी को हर 6 महीने में बदलना चाहिए ताकि ताजगी और सुरक्षा बनी रहे। अगर पानी में क्लोरीन की बूंदें मिलाई गई हों तो यह और लंबे समय तक सुरक्षित रह सकता है, लेकिन इसके स्वाद में बदलाव हो सकता है।
# पानी के खराब होने की वजहें
गंदे कंटेनर – अगर बर्तन पूरी तरह साफ न हों तो उनमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं।
गलत वातावरण – गर्मी, धूप या नमी में रखा पानी जल्दी दूषित हो सकता है।
खुला पानी – हवा के सीधे संपर्क में आने से पानी में धूल और बैक्टीरिया घुस सकते हैं।
# पानी को सुरक्षित रखने के उपाय
- हमेशा साफ और कीटाणुरहित कंटेनरों का इस्तेमाल करें।
- पानी को ठंडी और अंधेरी जगह पर रखें, सीधी धूप से बचाएं।
- समय-समय पर स्टोर किए पानी की गंध और रंग की जांच करें।
- पानी को स्टोर करने से पहले फिल्टर या उबालकर शुद्ध करें।
- बोतल या कंटेनर पर स्टोर करने की तारीख लिख दें ताकि पानी के इस्तेमाल का सही रिकॉर्ड रहे।














