
वर्तमान समय में विटामिन D हर हेल्थ और वेलनेस चर्चा का अहम हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया और कई हेल्थ पेज इसे लगभग मिरेकल सप्लीमेंट के रूप में प्रमोट करते हैं। हड्डियों की मजबूती, इम्यून सिस्टम की ताकत और हार्मोन संतुलन के लिए यह जरूरी माना जाता है, लेकिन हर किसी को इसे लेने की आवश्यकता नहीं होती। विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा विटामिन D सप्लीमेंट्स लेने से शरीर को गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं, बिना जांच के सप्लीमेंट लेने से क्या खतरे हो सकते हैं।
विटामिन D सप्लीमेंट: जरूरत या ट्रेंड
कई लोग बिना जांच के विटामिन D की गोलियां लेने लगते हैं, मानो यह तुरंत स्वास्थ्य सुधार देगा। लेकिन वास्तविकता यह है कि हर व्यक्ति में इसकी जरूरत अलग होती है। इसकी सही मात्रा जानने का सबसे भरोसेमंद तरीका ब्लड टेस्ट है।
बिना टेस्ट के गोलियां लेने के खतरे:
- शरीर में अधिक कैल्शियम जमा हो सकता है।
- इससे धमनियों और किडनी प्रभावित हो सकती हैं।
- कभी-कभी यह हार्ट अटैक या किडनी स्टोन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकता है।
- इसलिए बिना जांच के विटामिन D सप्लीमेंट लेना सुरक्षित नहीं माना जाता।
सुरक्षित तरीके से लें विटामिन D सप्लीमेंट
विटामिन D अकेले पर्याप्त नहीं होता। इसे लेने के साथ Magnesium और Vitamin K2 भी जरूरी हैं।
Magnesium: विटामिन D को सक्रिय करता है।
Vitamin K2: कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाता है और धमनियों में जमा नहीं होने देता।
विटामिन D सप्लीमेंट लेने के स्टेप्स
जरूरत समझें – सप्लीमेंट लेने से पहले यह जानें कि क्या वास्तव में आपके शरीर को इसकी आवश्यकता है।
ब्लड टेस्ट कराएं – सप्लीमेंट शुरू करने से पहले ब्लड टेस्ट कराएं, जिससे विटामिन D का स्तर पता चले।
डोज और टाइमिंग सही करें – हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए सही मात्रा और समय पर लेना जरूरी है।
एक्सपर्ट से सलाह लें – सोशल मीडिया या ट्रेंडिंग पोस्ट की बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें। यह आपके लिए सुरक्षित और फायदेमंद रहेगा।














